क्यों जानलेवा है दिल्ली की हवा? CAQM ने सुप्रीम कोर्ट में किया खुलासा; कीं 15 बड़ी सिफारिशें

दिल्ली-NCR में लगातार खराब होती वायु गुणवत्ता के पीछे सबसे बड़ा कारण वाहनों से निकलने वाला धुआं है। ऐसा वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने सुप्रीम कोर्ट को बताया। CAQM ने रिपोर्टों के हवालों से बताया कि PM2.5 प्रदूषण में गाड़ियों की अहम भूमिका है। आयोग ने AQI सुधारने के लिए 15 दीर्घकालिक उपायों की सिफारिश भी की है। आइए विस्तार से जानते हैं।

CAQM on Delhi Pollution: दिल्ली NCR में हवा की गुणवत्ता का हाल भला किसे न पता होगा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) रोजाना लाल-पीले रंग वाले खाकों में फेफड़ों के लिए खतरे को अंकों में बदल कर लिखता है। हरा खाका कभी कभार ही दिखाई देता है। सर्दी का मौसम शुरू होने के बाद दिल्ली की हवा जितने दिन ग्रीन जोन में रही होगी, उसे उंगलियों पर गिना जा सकता है। लेकिन क्या आपको ये बता है कि इस खराब हवा के पीछे सबसे बड़ा कारण क्या है? वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली NCR की खराब हवा के पीछे सबसे बड़ा कारण गाड़ियों के धुएं को बताया है। आयोग ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि राजधानी क्षेत्र में वायु प्रदूषण के लिए सबसे अधिक जिम्मेदारी वाहनों से निकलने वाले धुएं की है। इसके साथ ही AQI में सुधार लाने के लिए आयोग ने 15 दीर्घकालिक उपायों की डीटेल्ड रूपरेखा भी अदालत के सामने रखी।

CAQM air pollution report in SC

CAQM ने प्रदूषण में गाड़ियों की बताई अहम भूमिका (फोटो: PTI)

कैसे खतरनाक बनती है दिल्ली की हवा?

आयोग की ओर से न्यायालय में पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम पंचोली की पीठ को बताया कि 2015 से 2025 तक के अध्ययनों के विश्लेषण से पता चलता है कि दिल्ली में PM2.5 (हवा में 2.5 माइक्रोमीटर या उससे कम डायमीटर के कण) की मौजूदगी के दो बड़े कारण हैं। पहला, NCR के भीतर होने वाला प्राथमिक उत्सर्जन, जिसमें सड़क की धूल और वाहनों से निकलने वाली गैसें शामिल हैं। दूसरा, वायुमंडल में सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसी गैसों की रासायनिक प्रतिक्रिया से बनने वाले सेकेंड्री पार्टिकल। इन दोनों कारणों के प्रभाव से दिल्ली की हवा लगातार खतरनाक बनी रहती है, खासकर सर्दियों के मौसम में।

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