Pilibhit News: पीलीभीत के सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के एक गांव में नौ वर्षीय बच्ची को पिछले दो दिनों से बंधक बनाकर उससे दुष्कर्म करने के आरोपी 66 वर्षीय मोहम्मद उमर के अवैध मकान को बुधवार देर शाम बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया गया। भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगाी में यह कार्रवाई की गई। जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह ने बताया कि बुलडोजर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शासन की मंशा के अनुरूप की गई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का स्पष्ट आदेश है कि किसी भी कीमत पर बेटियों और महिलाओं की सुरक्षा से कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा। इसी के तहत आरोपी के सरकारी भूमि पर अवैध मकान को बुधवार देर शाम गिरा दिया गया।
सांकेतिक फोटो
पीलीभीत प्रशासन ने मासूम को लिया गोद
जिलाधिकारी ने बताया कि पीड़िता के परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक ना होने के कारण परिवार को प्रशासन की ओर से सहयोग किया गया है। पीड़िता को प्रशासन ने गोद लिया है। इसके अतिरिक्त बड़ी आर्थिक सहायता के लिए मुख्यमंत्री से सिफारिश की गई है। बता दें कि बुधवार को गांव के ही रहने वाले मौलाना के घर से लड़की के संदिग्ध अवस्था में बरामद होने की सूचना से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। परिजनों का आरोप है कि आरोपी दो दिन से बच्ची को बंधक बनाकर उससे दुष्कर्म कर रहा था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
हिंदू संगठनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
सूचना पर पहुंचे हिंदू संगठन हनुमान दल के कार्यकर्ताओं ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। हालांकि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ। उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने इस घटना पर कड़ा आक्रोश जताते हुए चेतावनी दी कि आरोपी के घर पर निश्चित तौर पर बुलडोजर चलेगा और ऐसी नजीर पेश की जाएगी कि उसकी सात पुश्तें याद रखेंगी।
पुलिस अधीक्षक सुकीर्ति माधव ने बताया कि लड़की रविवार से लापता थी। थाना सुनगढ़ी को सूचना मिली थी कि थाना क्षेत्र के एक गांव की कक्षा चार में पढ़ने वाली नाबालिग बच्ची को उमर (66) नाम का व्यक्ति बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया था। उन्होंने बताया कि परिजनों की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और यौन अपराध से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि बच्ची से दुष्कर्म का एक आपत्तिजनक वीडियो मिला है। बच्ची को मंगलवार को आरोपी के मकान से मुक्त कराया गया। बच्ची का मेडिकल टेस्ट कराया जा रहा है। बच्ची के परिजनों ने बताया कि वह चार भाई-बहनों में सबसे छोटी है और उसके पिता स्थानीय बाजार में काम करते हैं। पुलिस ने कहा कि आरोपी बेरोजगार है और उसकी पत्नी बीमारी के चलते सालों पहले गुजर चुकी है, जबकि उसका एक लड़का एक महीने पहले गुजर चुका है।
पीलीभीत मामले पर सियासी घमासान
राज्यमंत्री गंगवार ने समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए उन्हें अपने पार्टी कार्यकर्ताओं को रोकने और उन्हें शिक्षित करने का आग्रह किया ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह का कृत्य ना करे। सपा जिलाध्यक्ष जगदेव सिंह ने इस घटना को अत्यंत निंदनीय, हृदयविदारक एवं समाज को शर्मसार करने वाली बताते हुए कहा कि इस जघन्य अपराध की जितनी भी निंदा की जाए, वह कम है। उन्होंने पीड़ित परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना भी व्यक्त की। उन्होंने मांग की कि आरोपी के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाया जाए और कानून के तहत कठोरतम सजा दिलाई जाए। ऐसे अपराधियों का कोई धर्म, जाति या समुदाय नहीं होता, वे केवल अपराधी होते हैं। सिंह ने गंगवार की टिप्पणी पर जवाब देते हुए कहा कि किसी को भी इस तरह की संवेदनशील घटनाओं से राजनीतिक लाभ लेने का प्रयास नहीं करना चाहिए।
(इनपुट - भाषा)
