पटना : बिहार में दारोगा भर्ती की मुख्य परीक्षा रद्द किए जाने के विरोध में अभ्यर्थियों का गुस्सा गुरुवार को पटना की सड़कों पर देखने को मिला। अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर कूच करने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की थी, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने अवरोध तोड़कर आगे बढ़ने का प्रयास किया। इसके बाद पुलिस ने हस्तक्षेप कर उन्हें वहां से हटाया।
पटना में दारोगा भर्ती को लेकर अभ्यर्थियों का हंगामा
अभ्यर्थी पिछले कई दिनों से भर्ती प्रक्रिया को लेकर विरोध जता रहे हैं। उनका कहना है कि मुख्य परीक्षा रद्द होने से उनकी तैयारी और भविष्य पर असर पड़ा है। वे फैसले को वापस लेने के साथ भर्ती प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट निर्णय की मांग कर रहे हैं।
गांधी मैदान से शुरू हुआ मार्च
मीडिया खबरों के मुताबिक, प्रदर्शनकारी गुरुवार को गांधी मैदान के गेट नंबर 10 के पास जुटे। यहां से नारेबाजी करते हुए वे जेपी गोलंबर की तरफ बढ़े। मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने के रास्ते में पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की। हालांकि, प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ने लगे। इस दौरान मौके पर पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच तनाव की स्थिति बन गई।
प्रदर्शन के चलते शहर के कुछ प्रमुख रास्तों पर यातायात भी प्रभावित हुआ। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने और प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए कार्रवाई की।
दारोगा भर्ती के अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर करीब एक महीने से आंदोलन कर रहे हैं। उनका कहना है कि लगातार प्रदर्शन के बावजूद उनकी मांगों पर कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसी वजह से उन्होंने धरना स्थल से आगे बढ़कर मुख्यमंत्री आवास तक मार्च करने का निर्णय लिया। अभ्यर्थियों का विरोध बिहार पुलिस में दरोगा के 1,799 पदों पर भर्ती की मुख्य लिखित परीक्षा रद्द किए जाने को लेकर है। वे चाहते हैं कि परीक्षा रद्द करने के फैसले पर दोबारा विचार किया जाए और भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए।
फिजिकल परीक्षा की तारीख घोषित करने की मांग
प्रदर्शनकारी केवल दरोगा भर्ती को लेकर ही नहीं, बल्कि अन्य भर्ती परीक्षाओं के लंबित कार्यक्रम को लेकर भी नाराज हैं। वे शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) की तारीख जल्द घोषित करने की मांग कर रहे हैं। इसके अलावा मद्य निषेध कांस्टेबल भर्ती की लंबित शारीरिक दक्षता परीक्षा की तिथि जारी करने की मांग भी उठाई गई है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं में देरी से उनकी तैयारी और आगे की योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। वे चाहते हैं कि संबंधित भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर प्रशासन समयसीमा स्पष्ट करे।
मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रखने की बात
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों ने संकेत दिया है कि मांगों पर सुनवाई नहीं होने तक उनका आंदोलन जारी रह सकता है। वहीं, मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च और बैरिकेडिंग तोड़े जाने की घटना के बाद पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था संभाली। फिलहाल अभ्यर्थियों की मुख्य मांग दरोगा भर्ती की मुख्य परीक्षा रद्द करने के फैसले को वापस लेने और लंबित शारीरिक दक्षता परीक्षाओं की तारीख घोषित करने की है।
