बिहार में दो निर्दलीय MLC के BJP में जाने पर सियासी घमासान, तेजस्वी यादव ने की सदस्यता रद्द करने की मांग

बिहार में निर्दलीय MLC बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज के BJP को समर्थन देने पर विवाद बढ़ा। तेजस्वी यादव ने दलबदल कानून का हवाला देकर दोनों की सदस्यता रद्द करने की मांग की।

बिहार की राजनीति में दो नवनिर्वाचित विधान परिषद सदस्यों (MLC) के भारतीय जनता पार्टी (BJP) को समर्थन देने के ऐलान के बाद विवाद खड़ा हो गया है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने दोनों MLC की सदस्यता रद्द करने की मांग की है। उनका कहना है कि निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव जीतने के बाद किसी राजनीतिक दल में शामिल होना संविधान की दसवीं अनुसूची और दलबदल विरोधी कानून के तहत अयोग्यता का आधार बन सकता है। जिन दो MLC को लेकर विवाद हुआ है, उनमें बंशीधर ब्रजवासी और राहुल राज शामिल हैं। दोनों ने चुनाव जीतने के एक सप्ताह से भी कम समय बाद BJP में शामिल होने का ऐलान किया था। शनिवार देर रात तेजस्वी यादव ने इस मामले पर बयान जारी कर उनकी सदस्यता रद्द करने की मांग उठाई।

Bihar Tejashwi seeks disqualification of 2 independent MLCs over post poll BJP switch

तेजस्वी यादव मीडिया से बात करते हुए (X/@yadavtejashwi)

तेजस्वी बोले- संविधान का मजाक बना रही BJP

तेजस्वी यादव ने कहा कि दोनों सदस्य निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में विधान परिषद का चुनाव जीते थे, लेकिन अब उन्होंने औपचारिक रूप से BJP में शामिल होने की घोषणा की है। उनके मुताबिक, ऐसा करना संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत दलबदल विरोधी प्रावधानों को आकर्षित करता है। तेजस्वी ने संविधान के अनुच्छेद 191(2) का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस प्रावधान के तहत दलबदल कानून के आधार पर अयोग्य ठहराए गए सदस्य राज्य विधानमंडल के सदस्य बने रहने के पात्र नहीं रहते। उन्होंने यह भी कहा कि संविधान की दसवीं अनुसूची के पैराग्राफ 6(1) के तहत विधान परिषद के सभापति को दलबदल के आधार पर सदस्यता खत्म करने के मामलों में फैसला लेने का अधिकार है। तेजस्वी ने BJP पर संविधान का मजाक बनाने का आरोप भी लगाया।

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