Patna Flood News: बिहार की राजधानी पटना और इसके आसपास के इलाकों में नदियों के उफान से बाढ़ की स्थिति अत्यंत भयावह हो गई है। एक ओर जहां गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर से तटवर्ती इलाकों और रिहायशी मकानों में पानी भर गया है, वहीं दूसरी ओर पुनपुन और सोन नदी के विकराल रूप ने पटना-फतुहा स्टेट हाईवे सहित कई प्रमुख संपर्क मार्गों को जलमग्न कर दिया है।बाढ़ का पानी मुख्य सड़कों पर 2 से 3 फीट ऊपर बह रहा है, जिससे गाड़ियों की आवाजाही ठप पड़ गई है और ग्रामीण इलाकों का शहर से संपर्क कट गया है।
पटना में पुनपुन का कहर
पुनपुन नदी के उफान से ट्रेनों की रफ्तार थमी
पुनपुन नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंचने के कारण पटना-गया रेलखंड पर ट्रेनों का परिचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पुनपुन घाट स्थित रेल पुल संख्या-21 पर नदी का उफनता पानी डाउन लाइन के ट्रैक और पुल के गार्डर तक पहुंच गया। यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेलवे प्रशासन ने पीपीएन-पीआरबीजेड सेक्शन की डाउन लाइन पर ट्रेनों की आवाजाही अगले आदेश तक रोक दी है। फिलहाल इस रूट पर केवल अप लाइन के जरिए एहतियात के साथ सीमित ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है।
पालीगंज में कटी सड़क, मोकामा से बिहटा तक पानी भरा
पालीगंज के रूपापुर गांव में पुनपुन नदी के तेज बहाव में गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली सड़क बह गई, जिससे कई गाँवों का संपर्क पूरी तरह टूट गया है। एसडीएम चंदन कुमार के निर्देश पर प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए राहत कार्य तेज कर दिए गए हैं। मोकामा में एनएच-80 पर पानी चढ़ने से वाहनों का चक्का थम गया है। शिवनार, बरहपुर, महेंद्रपुर और मोर पूर्वी के कई हिस्से पानी में डूब चुके हैं। बिहटा में सोन नदी का पानी ठेकहा, डुमरिया, मुस्तफापुर, अमनाबाद, हलखोरियाचक और पथलौटिया तक फैल गया है, जिससे सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसलें तबाह हो गई हैं। मनेर के दियारा इलाके को नगर क्षेत्र से जोड़ने वाले रामघाट पुल पर भी बाढ़ का पानी चढ़ जाने से आवागमन ठप हो गया है।
आपदा प्रबंधन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य के 11 जिलों के 50 प्रखंडों की 201 पंचायतों में लगभग 10.26 लाख की आबादी बाढ़ के सीधे प्रभाव में है। मौसम विभाग द्वारा आगामी 48 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश की चेतावनी जारी किए जाने के बाद स्थिति और गंभीर होने की आशंका है।
