Bihar News: बिहार में सार्वजनिक स्थानों पर बजने वाले अश्लील, दोहरे अर्थ वाले और जाति विशेष को लेकर आपत्तिजनक गीतों पर रोक लगाने की पहल की गई है। कला एवं संस्कृति विभाग ने इस संबंध में गृह विभाग को पत्र लिखकर ऐसे गानों के प्रसारण पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। विभाग का कहना है कि इन गानों का समाज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है और इससे सामाजिक सौहार्द और माहौल भी प्रभावित हो रहा है। पत्र में यह भी जिक्र किया गया है कि राज्य के बाजारों, सार्वजनिक कार्यक्रमों, वाहनों, शादी-विवाह समारोहों और अन्य सांस्कृतिक आयोजनों में इस तरह के गाने खुलेआम बजाए जा रहे हैं, जिससे स्थिति चिंताजनक बन गई है।
बिहार में अश्लील और जातिसूचक गीतों पर सख्ती की तैयारी
गानों के चलते तनाव, विवाद और द्वेष जैसी परिस्थितियां
विभाग का कहना है कि ऐसे गीतों के प्रसारण से समाज में आपसी भाईचारे और सौहार्द की भावना कमजोर हो रही है। इसके चलते कई जगहों पर तनाव, विवाद और द्वेष जैसी परिस्थितियां भी उत्पन्न हो रही हैं। पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि इन गानों का सबसे अधिक प्रतिकूल प्रभाव महिलाओं और बच्चों पर पड़ता है। सार्वजनिक स्थानों पर इनके बजने से लोग असहज महसूस करते हैं, जिससे सामाजिक माहौल भी खराब होता है। विभाग का मानना है कि यह प्रवृत्ति समाज की सांस्कृतिक और नैतिक संरचना को भी नुकसान पहुंचा रही है।
बिहार की लोक परंपराएं, संस्कृति और स्थानीय भाषाएं
कला एवं संस्कृति विभाग ने कहा है कि बिहार की लोक परंपराओं, संस्कृति और स्थानीय भाषाओं की एक विशिष्ट पहचान और गरिमा है, जिसे संरक्षित रखना अत्यंत आवश्यक है। सरकार के सचिव प्रणव कुमार द्वारा गृह विभाग को भेजे गए पत्र में अनुरोध किया गया है कि पूरे राज्य में अश्लील, डबल मीनिंग वाले तथा जातिगत भावनाओं को भड़काने वाले गीतों के प्रसारण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
कड़े कदम उठाए जाने की संभावना
इसके साथ ही सभी जिलाधिकारियों (डीएम), वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकों (एसएसपी) और पुलिस अधीक्षकों (एसपी) को भी इस संबंध में निर्देश भेजे गए हैं, ताकि जरूरत पड़ने पर स्थानीय स्तर पर कार्रवाई की जा सके। सरकार का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य समाज में सकारात्मक माहौल बनाए रखना, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा व सम्मान सुनिश्चित करना तथा बिहार की सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत करना है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर प्रशासनिक स्तर पर और कड़े कदम उठाए जाने की संभावना है।
