बिहार की सियासत से एक बड़ी खबर निकल कर सामने आई है। बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने परिषद के सचिव को अपना रिजाइन लेटर दिया। अवधेश नारायण सिंह बीजेपी कोटे से विधान परिषद के सभापति थे। अवधेश नारायण सिंह के इस्तीफे के बाद इस पद के भविष्य को लेकर अटकलें लगनी शुरू हो गई हैं। दावा किया जा रहा है कि अब बिहार विधान परिषद के सभापति का पद जेडीयू के कोटे में जा सकता है।
अवधेश नारायण सिंह का इस्तीफा (फोटो- सोशल मीडिया।)
सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि ये इस्तीफा तब हुआ है जब जनता दल यूनाइटेड और भारतीय जनता पार्टी के बीच सत्ता संभालने और उसके संतुलन को लेकर बड़ी सहमति बनी है। ऐसे में अब ये पद जदयू के कोटे में जा सकता है। अब जिन लोगों को ये जिम्मेदारी दी जा सकती है उनमें सबसे पहले नंबर पर प्रोफेसर रामवचन राय का नाम है। रामवचन राय वर्तमान में उपसभापति की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
दरअसल, बिहार में अप्रैल में सम्राट चौधरी की नई सरकार बनने के बाद से ही सत्ता के अलग-अलग संवैधानिक पदों को लेकर NDA के भीतर नए समीकरण की चर्चा शुरू हो गई थी। वर्तमान में मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष का पद बीजेपी के पास होने के बाद अब जबकि विधान परिषद का सभापति पद खाली हो गया है तो ऐसे में JDU की दावेदारी की बात सामने आ रही है।
बिहार विधान परिषद में कुल 75 सदस्य हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, बीजेपी के 26 और JDU के 20 सदस्य हैं। RJD के पास 15 सदस्य हैं, जबकि कांग्रेस समेत अन्य दलों और निर्दलीय सदस्यों की भी परिषद में मौजूदगी है।
