बिहार में आज का मौसम (13 Feb 2026): बिहार में अब कड़ाके की ठंड विदा हो रही है और इसकी जगह गुनगुनी धूप ने ले ली है। सुबह-शाम की हल्की गुलाबी ठंड को छोड़ दें तो राज्य में अब गर्मी ने समय से पहले अपनी उपस्थिति दर्ज करानी शुरू कर दी है। मौसम विभाग के ताजा आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में आसमान पूरी तरह साफ है और धूप की तीव्रता बढ़ने के कारण फरवरी के महीने में ही पारा 30 डिग्री के पार पहुंच गया है।
बिहार में मौसम का कैसा है हाल
कैमूर बना सबसे गर्म, किशनगंज में अब भी सिहरन
राज्य में तापमान का मिजाज काफी अलग दिखाई दे रहा है। पिछले 24 घंटों में कैमूर जिला 30.5 डिग्री सेल्सियस के साथ बिहार का सबसे गर्म इलाका रहा। यहां दोपहर की धूप लोगों को पसीने छुड़ाने लगी है। दूसरी ओर, किशनगंज अभी भी राज्य का सबसे ठंडा शहर बना हुआ है, जहां न्यूनतम तापमान 9.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। किशनगंज को छोड़कर प्रदेश के बाकी सभी जिलों में रात का पारा अब 10 डिग्री से ऊपर जा चुका है, जिससे कनकनी पूरी तरह खत्म हो गई है।
कोहरे से मिली राहत
पिछले कई हफ्तों से यातायात को प्रभावित करने वाले घने कोहरे से अब बिहारवासियों को बड़ी राहत मिली है। अधिकांश जिलों में सुबह से ही आसमान साफ हो रहा है। गुरुवार को पूर्णिया में विजिबिलिटी 900 मीटर दर्ज की गई, जो दर्शाती है कि अब घना कोहरा इतिहास बन चुका है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 19 फरवरी तक राज्य में कहीं भी बारिश या भारी कोहरे की कोई संभावना नहीं है, जिससे सड़क और रेल यातायात सुचारू बना रहेगा।
किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें
तापमान में हो रही इस अचानक बढ़ोतरी ने रबी की फसल उगाने वाले किसानों को परेशानी में डाल दिया है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि गेहूं, सरसों और चने जैसी फसलों के लिए इस समय तापमान का स्थिर रहना जरूरी है। यदि पारा इसी तरह बढ़ता रहा, तो खेतों में नमी जल्दी खत्म होगी और सिंचाई का खर्च बढ़ जाएगा। साथ ही, गेहूं की बालियां समय से पहले पक सकती हैं, जिससे दाना कमजोर रह जाने का खतरा है। हालांकि, राहत की बात यह है कि अभी तापमान बढ़ने की रफ्तार उतनी तेज नहीं है कि फसलों को भारी नुकसान पहुंचे।
अगले एक हफ्ते तक कैसा रहेगा मिजाज?
पटना मौसम केंद्र से मिली जानकारी के मुताबिक, फिलहाल पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ गया है, जिसके कारण अगले कुछ दिनों तक मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा। 13 फरवरी से लेकर अगले 4-5 दिनों तक अधिकतम और न्यूनतम तापमान में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं देखा जाएगा। दिन में तेज धूप खिलेगी, जबकि रात के वक्त पंखे चलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
