Bihar News: बिहार सरकार की विशेष जांच एजेंसी, आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने राज्य में सक्रिय भूमि और बालू माफियाओं के खिलाफ अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। ईओयू ने हाल ही में 19 बड़े माफियाओं को चिन्हित किया, जिसके बाद चिह्नित इन माफियाओं की करीब 50 करोड़ रुपये की अवैध संपत्तियों को जब्त करने का प्रस्ताव प्रवर्तन निदेशालय यानी ED को भेजा गया है। इस सूची में सबसे चर्चित नाम दानापुर के पूर्व राजद विधायक रीतलाल यादव के भाई टिंकू उर्फ पिंकू यादव का है।
बिहार के 19 जमीन-बालू माफिया की संपत्ति होगी जब्त
इस मामले पर ईओयू के डीआईजी मानवजीत सिंह ढिल्लन ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान का केवल शुरुआती चरण है। अब आने वाले समय में कुछ और बड़े सिंडिकेट सदस्यों के नाम ईडी को सौंपे जाएंगे ताकि उनकी काली कमाई पर शिकंजा कसा जा सके और राज्य में सक्रिय भूमि और बालू माफियाओं को रोका जा सके।
जमीन माफियाओं की 32 करोड़ की संपत्ति रडार पर
ईओयू द्वारा भेजी गई रिपोर्ट में 8 प्रमुख जमीन माफियाओं ने अवैध तरीके से लगभग 32 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति अर्जित की है। इस लिस्ट में पटना के 5 और दरभंगा, कैमूर व भोजपुर के एक-एक अपराधी शामिल हैं। सूची में दरभंगा के मोहम्मद रिजवान, पटना के कंकड़बाग निवासी अश्विनी सिंह, दानापुर के राजवल्लभ कुमार, बिहियां के कामख्या सिंह, कैमूर के वीरेंद्र प्रसाद बिंद, दानापुर के पारस राय, पटना के खुशरूपुर के संजय कुमार उर्फ संतोष कुमार डॉन और खगौल के टिंकू कुमार की संपत्तियों की भी गहन जांच की जा रही है। ईओयू का मानना है कि इन लोगों ने जमीन की खरीद-बिक्री में जालसाजी और डरा-धमका कर करोड़ों का साम्राज्य खड़ा किया है, जिसे मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत कुर्क करने की तैयारी है।
बालू सिंडिकेट के 11 चेहरों पर ईडी का शिकंजा
जमीन माफियाओं के साथ-साथ ईओयू ने अवैध बालू खनन से अकूत संपत्ति बनाने वाले 11 कारोबारियों की सूची भी ईडी को सौंपी है। इन बालू माफियाओं की कुल 15 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त करने का प्रस्ताव है। इस सूची में बांका जिले के विभीषण यादव, निलेश यादव, संयज यादव, छोटू यादव, आजाद यादव और बादल यादव शामिल हैं। इसके अलावा भोजपुर के कोईलवर से सोनू खान और विदेशी राय, औरंगाबाद के अमित कुमार, भोजपुर के सुनील कुमार यादव और पटना के मनेर से रामप्रवेश सिंह व विशुनदयाल सिंह भी इस जांच के घेरे में हैं। राज्य में सोन और गंगा नदी के क्षेत्रों में अवैध खनन के जरिए सरकारी राजस्व को चूना लगाने वाले इन सिंडिकेट सदस्यों की आर्थिक रीढ़ तोड़ने के लिए ईओयू और ईडी अब मिलकर साझा कार्रवाई करेंगे।
