Samrat Choudhary: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी (Samrat Choudhary) ने शुक्रवार को विधानसभा (Bihar Vidhan Sabha) में सरकार की ओर से मुख्य सचेतक, उपमुख्य सचेतक और कई सचेतकों के नामों की घोषणा की। इसके लिए मुख्यमंत्री ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र भेजकर आगे की प्रक्रिया पूरी करने का अनुरोध भी किया है। माना जा रहा है कि इससे विधानसभा के कामकाज को बेहतर तरीके से चलाने में मदद मिलेगी।
बिहार विधानसभा के लिए मुख्य सचेतक की घोषणा
मुख्यमंत्री ने दीघा विधानसभा सीट से भाजपा विधायक संजीव चौरसिया (Sanjeev Chaurasia) को मुख्य सचेतक बनाया है। वहीं जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के बरौली विधायक मंजीत कुमार सिंह (Manjeet Kumar Singh) को उपमुख्य सचेतक की जिम्मेदारी दी गई है। इन दोनों नेताओं की भूमिका विधानसभा में पार्टी और सरकार के विधायी कार्यों को व्यवस्थित ढंग से चलाने में महत्वपूर्ण मानी जाती है।
इन लोगों को बनाया गया सचेतक
इसके अलावा सरकार ने विभिन्न दलों और क्षेत्रों से नौ विधायकों को सचेतक नियुक्त किया है। इनका काम सदन के दौरान पार्टी विधायकों के बीच समन्वय बनाए रखना और जरूरी मुद्दों पर उन्हें निर्देश देना होगा। सचेतक बनाए गए विधायकों में परिहार से भाजपा विधायक गायत्री देवी, गोविन्दगंज से लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राजू तिवारी, पिपरा से जदयू विधायक राम विलास कामत और हरलाखी से सुधांशु शेखर शामिल हैं।
विधानसभा सत्र के दौरान सरकार और सहयोगी दलों के बीच बेहतर तालमेल
इसके साथ ही मधुबन से भाजपा विधायक राणा रणधीर और सुल्तानगंज से जदयू विधायक ललित नारायण मंडल को भी यह जिम्मेदारी दी गई है।
सरकार ने बनमनखी से भाजपा विधायक कृष्ण कुमार ऋषि, मसौढ़ी से हिंदुस्तान आवाम मोर्चा के अरुण मांझी और पटना साहिब से रत्नेश कुमार को भी सचेतक नियुक्त किया है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विधानसभा सत्र के दौरान सरकार और सहयोगी दलों के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने के लिए यह नियुक्तियां काफी अहम साबित हो सकती हैं।
