एक साल भी नहीं बीता था जब नोएडा की रहने वाली ट्विशा शर्मा ने बड़े अरमानों के साथ एक मैट्रिमोनियल साइट के जरिए भोपाल के समर्थ सिंह को अपना जीवनसाथी चुना था। 12 दिसंबर 2025 को दोनों ने शादी की। शादी के बाद ट्विशा अपने पति के साथ भोपाल शिफ्ट हो गई। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि जिस घर को वो अपना बनाने जा रही थी, वहीं उसकी जिंदगी का अंत हो जाएगा। 12 मई 2026 की रात ट्विशा का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटकता मिला।
मैट्रिमोनियल साइट की दोस्ती, शादी और फिर मौत!
मां से बात करने के ठीक 10 मिनट बाद मौत
परिजनों के अनुसार, मौत से चंद मिनट पहले ट्विशा ने अपनी मां से फोन पर बात की थी। उस आखिरी कॉल के कटने के महज 10 मिनट के भीतर ही उसकी मौत हो गई। इतने कम समय में अचानक ऐसा क्या हुआ, इसी बात ने सुसाइड की थ्योरी को एक गहरी मिस्ट्री में बदल दिया है। ट्विशा के भाई हर्षित शर्मा, जो भारतीय सेना में मेजर हैं, उन्होंने बताया कि शव के हाथ और कान पर चोट के गहरे नीले निशान मिले हैं। परिवार का सीधा आरोप है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि हत्या है और पति समर्थ ने मौके से सबूत मिटाने की कोशिश की है।
नौकरी छोड़ते ही शुरू हुआ मेंटल टॉर्चर
मेजर हर्षित शर्मा ने बताया कि शादी के शुरुआती कुछ महीने सब कुछ सामान्य था। चूंकि ट्विशा को शादी के बाद भोपाल रहना था, इसलिए उसने अपनी अच्छी-भली नौकरी छोड़ दी थी। लेकिन भोपाल आने के बाद जब उसने तुरंत दूसरी नौकरी करने से मना किया, तो पति समर्थ का व्यवहार पूरी तरह बदल गया। ट्विशा को लगातार ताने दिए जाने लगे, उसकी परवरिश और मायके को लेकर अपमानित किया जाने लगा। आरोप है कि घरेलू तनाव इस कदर बढ़ गया था कि उस पर पैसों की मांग के साथ-साथ उसके नाम के शेयर ट्रांसफर करने का भी दबाव बनाया जा रहा था। इस मानसिक प्रताड़ना के कारण वह गहरे डिप्रेशन में चली गई थी।
रिटायर्ड जज सास को 24 घंटे में जमानत, बेटे पर कल सुनवाई
ट्विशा की मौत के मामले में भोपाल पुलिस ने उसकी सास गिरिबाला सिंह (जो एक रिटायर्ड जिला जज हैं) और पति समर्थ सिंह (जो पेशे से वकील हैं) के खिलाफ हत्या, दहेज उत्पीड़न (Section 304B) और अन्य गंभीर धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। एसीपी रजनीश कश्यप कौल ने मामले की पुष्टि की है। हालांकि, अपने कानूनी रसूख के चलते रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को भोपाल कोर्ट से महज 24 घंटे के भीतर अग्रिम जमानत मिल गई। कोर्ट ने उनकी उम्र को आधार मानते हुए 50 हजार रुपये के मुचलके पर यह राहत दी। वहीं, पति समर्थ सिंह की जमानत अर्जी पर सोमवार को कोर्ट में सुनवाई होनी है।
मेजर भाई का आरोप: 'ससुराल वालों के रसूख के आगे लाचार दिखी पुलिस'
ट्विशा के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए अपना दर्द बयां किया। उन्होंने कहा कि बुधवार की रात वे करीब 12 बजे तक थाने के बाहर इंसाफ की गुहार लेकर खड़े रहे, लेकिन किसी भी बड़े पुलिस अधिकारी ने उनसे बात तक नहीं की। चूंकि आरोपी पक्ष में एक रिटायर्ड जिला जज और वकील शामिल हैं, इसलिए पुलिस शुरुआत में कार्रवाई करने और हाथ डालने से बचती रही। पीड़ित परिवार का कहना है कि वे अपनी बेटी को इंसाफ दिलाने के लिए आखिरी सांस तक कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।
