अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन के मकान पर फिलहाल नहीं होगी बुलडोजर कार्रवाई; इंदौर हाईकोर्ट से मिली राहत

इंदौर जिले के महू कैंटोनमेंट क्षेत्र में अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी के पैतृक मकान को लेकर विवाद में हाईकोर्ट ने इस पर बुलडोजर एक्शन पर रोक लगा दी है। यह चार मंजिला मकान मूल रूप से जवाद के पिता मौलाना हम्माद सिद्दीकी के नाम था, जिसे बाद में अब्दुल माजिद को ट्रांसफर किया गया।

Jawad Siddiqui News: मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के महू कैंटोनमेंट क्षेत्र में अल फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद अहमद सिद्दीकी के पैतृक मकान को लेकर चल रहा विवाद एक नया मोड़ ले चुका है। कैंट बोर्ड द्वारा अवैध निर्माण का हवाला देते हुए की गई बुलडोजर कार्रवाई की तैयारी पर फिलहाल रोक लगा दी गई है।

fawad siddiqui house bulldozer

यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जवाद सिद्दिकी का है पैतृक मकान

अवैध हिस्से को हटाने का दिया था नोटिस

यह चार मंजिला मकान महू कैंटोनमेंट इलाके के मुकेरी मोहल्ला में स्थित है और मूल रूप से जवाद सिद्दीकी के पिता, पूर्व शहर काजी स्वर्गीय मौलाना हम्माद सिद्दीकी के नाम दर्ज था। बाद में परिवार ने इसे जवाद को गिफ्ट किया और जवाद ने आगे यह संपत्ति अब्दुल माजिद नाम के शख्स के नाम कर दी। फिलहाल अब्दुल माजिद और उनका परिवार इसी घर में रह रहा है। कैंट बोर्ड का दावा है कि मकान में किया गया निर्माण 1996-97 में जारी नोटिसों के मुताबिक अवैध है। बोर्ड ने अवैध बेसमेंट और अतिरिक्त मंजिलों को कार्रवाई का आधार बताया था। हाल ही में बोर्ड ने तीन दिन के अंदर अवैध हिस्से को स्वयं हटाने का नोटिस चस्पा कर दिया था और समयसीमा खत्म होने पर बुलडोजर चलाने की चेतावनी भी दी थी।

End of Feed