शीतलाष्टमी 2023: एमपी के ग्वालियर में है शीतला देवी का सदियों पुराना मंदिर, यहां डकैत करते हैं देवी की आराधना, जानिए पूरी कहानी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Mar 12, 2023, 06:49 PM IST

Shitalashtami 2023: ग्वालियर जिला मुख्यालय से करीब 20 किमी की दूरी पर घने जंगलों में पहाड़ी पर स्थित है प्राचीन शीतला मां का मंदिर। बताया जाता है कि, डकैतों की आराध्य के तौर पर पहचान रखने वाला मां का ये मंदिर करीब 1669 साल पुराना है। डकैतों के खात्मे के लिए पुलिस को भी मां की शरण में जाना पड़ा था।

KEY HIGHLIGHTS
  • चंबल के डकैतों की आराध्या है देवी मां शीतला
  • डकैत चढ़ाते हैं मनौती पूरी होने पर मंदिर में घंटा
  • पुलिस भी देवी मां की करती है उपासना

Shitalashtami 2023: मध्य प्रदेश में देवी मां के कई ऐतिहासिक और प्राचीन देवी मंदिर हैं। जिनमें यहां के लोगों की गहरी आस्था है। यहां एक मंदिर ऐसा भी है, जहां पर खुद चंबल के डकैत अपनी रक्षा के लिए मां की आराधना करते थे। इसमें सबसे खास बात तो ये है कि, डकैतों के आतंक के खात्मे को लेकर पुलिस को भी मां की शरण में जाना पड़ गया।

Gwalior Shitla Temple

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में है डकैतों की आराध्या मां शीतला का मंदिर (फाइल फोटो)

तो चलिए आपको बताते हैं इस खास देवी मां के मंदिर के बारे में। ग्वालियर जिला मुख्यालय से करीब 20 किमी की दूरी पर घने जंगलों में पहाड़ी पर स्थित है प्राचीन शीतला मां का मंदिर। बताया जाता है कि, डकैतों की आराध्य के तौर पर पहचान रखने वाला मां का ये मंदिर करीब 1669 साल पुराना है।

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