Khargone Dog Attack: मध्य प्रदेश के खरगोन में एक 10 साल की मासूम बच्ची पर कुत्तों के अटैक का मामला सामने आया। बताया जा रहा है कि यह घटना जिले के करही इलाके की है। यहां छोटी मासूम बच्ची को देख आवारा कुत्तों ने अचानक उस पर हमला कर दिया। गनीमत यह रही कि उस दौरान वहां मौजूद लोगों ने कुत्तों को भगाकर बच्ची की जान बचाई। इस घटना से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। लोगों ने प्रशासन से इस तरह के मामलों पर अंकुश लगाने की मांग की है। इस घटना की सीसीटीवी वीडियो सामने आई है, जो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।
मासूम बच्ची पर झपटे कुत्ते
जानकारी के अनुसार, यह मामला शुक्रवार शाम करीब चार बजे का है, जब एक मासूम बच्ची किराना की दुकान से कुछ सामान लेने गई थी। सामान लेने के बाद घर लौट रही बच्ची को देख कुत्तों के झुंड ने उस पर अटैक कर दिया। डरी सहमी बच्ची वहां से भागने लगी, लेकिन कुत्तों के हमले से वह नीचे गिर गई। तुरंत कुछ राहगीरों और दुकानदारों ने कुत्तों को वहां से भगाया और बच्ची का जान बचाई। आक्रोशित लोगों ने प्रशासन से आवारा कुत्तों के टीकाकरण और इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाने की मांग की है।
पुणे में आवारा कुत्तों के हमले की बढ़ी घटनाएं
पुणे के पिंपरी-चिंचवड इलाके में कुत्तों के हमले की घटनाएं बढ़ती जा रही है, जो निवासियों में चिंता का विषय बन गई है। एमपी के खरगोन के मासूम पर कुत्तों के हमले के बाद पीसीएमसी में आज सुबह करीब 5 बजे चिखली मोड़ वस्ती इलाके में काम पर जा रहे एक व्यक्ति पर कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। लेकिन किसी तरह से शख्स ने खुद को बचाया और वहां से भाग निकला। यह पूरी घटना भी पास में लगे एक सीसीटीवी में रिकॉर्ड हो गई। वीडियो में आप देख सकते हैं कि पहले शख्स ने किस तरह अपनी जान बचाई है।
आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का संशोधित फैसला
दिल्ली-एनसीआर में आवारा कुत्तों को पकड़ने के सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर बाद से डॉग लवर्स ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया था। एनिमल लवर्स के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 11 अगस्त को आवारा कुत्तों को पकड़कर डॉग शेल्टर में रखने के अपने आदेश में संशोधन किया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आवारा कुत्तों को पकड़कर उनका वंध्याकरण व टीकाकरण करने के बाद उन्हें छोड़ा जाएगा। अपने संशोधित आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया की आक्रामक और रेबीज संक्रमित कुत्तों को पकड़ने के बाद छोड़े नहीं जाएंगे। इसके साथ ही आवारा कुत्तों को भोजन कराने के लिए एक निश्चित स्थान बनाने का नगरीय निकाय को निर्देश दिए गए हैं।
