'हम वसुधैव कुटुंबकम के माध्यम से हम टूरिज्म के साझेदारों को जोड़ना चाहते हैं। टूरिज्म के माध्यम से हजारों युवाओं को रोजगार मिलता है। उद्योग मंदिर की तरह हैं, जहां लोगों की जीवन पलता है। उन्हें रोजी-रोटी मिलती है। हम इस सेक्टर में निवेश के लिए निवेशकों का स्वागत करते हैं। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 26 जुलाई को रीवा जिले में कही। सीएम डॉ. यादव कृष्णा राज कपूर ऑडिटोरियम में आयोजित रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव को संबोधित कर रहे थे। कॉन्क्लेव में कई कंपनियों के साथ एमओयू भी साइन किए गए। इस दौरान कई निवेशकों को जमीन भी आवंटित की गई। कार्यक्रम में विंध्य क्षेत्र के टूरिज्म स्पॉट पर फिल्म भी दिखाई गई। इस कॉन्क्लेव में 3 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए।
मध्य प्रदेश सीएम डॉ. मोहन यादव (फोटो- MP Govt)
क्या बोले सीएम यादव
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में विकास का कारवां चल रहा है। हमारी पूरी सरकार पूरी ताकत के साथ एक दिशा में आगे बढ़ रही है। रीवा रीजनल कॉन्क्लेव में कुछ ही महीने पहले 31 हजार करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। जीआईएस में 30 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। साथ ही, 21 लाख लोगों को रोजगार भी मिलने की राह खुली। पर्यटन भी इंडस्ट्री के ही समान है। इसलिए इस सेक्टर में भी हर सुविधाएं देने के लिए तत्पर हैं। हमें गर्व है इस बात पर कि मध्यप्रदेश में टूरिज्म का सेक्टर सबसे तेज गति से बढ़ा है। इसमें धार्मिक पर्यटन का बड़ा रोल है। टूरिज्म में सारे राज्य एक तरफ और मध्यप्रदेश एक तरफ। हमारी गंगा-यमुना ग्लेशियर की वजह से जलराशि प्राप्त करती हैं। लेकिन, हमें गर्व है कि हमारी नदियां भी उसी प्रवाह के साथ उनकी रफ्तार को गति देती हैं।
किसने कितना दिया निवेश प्रस्ताव
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में रातापानी टाइगर रिजर्व बना। इस क्षेत्र में दिन में आदमी तो रात में टाइगर घूमते हैं। इस तरह का दृश्य किसी और राजधानी में देखने को नहीं मिलता। दुनिया में सबसे ज्यादा टाइगर भारत में हैं, और भारत में सबसे ज्यादा टाइगर मध्यप्रदेश में हैं। एशिया की सबसे साफ पानी वाली नदी हमारी चंबल है। वहां घड़ियाल सेंचुरी भी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि रीवा रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव में पर्यटन क्षेत्र के लिए एक नई सुबह का आगाज़ हुआ है। आज पर्यटन क्षेत्र में 3000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। यह ऐतिहासिक पल दोनों संभागों के लिए आर्थिक समृद्धि और रोजगार के नए द्वार खोलेगा। कॉन्क्लेव में निवेशकों का उत्साह देखते ही बन रहा था। फ्लाईओला के मैनेजिंग डायरेक्टर राम ओला ने 700 करोड़ के सबसे बड़े निवेश की मंशा जताई, जो इस क्षेत्र में बड़े पैमाने पर पर्यटन परियोजनाओं की शुरुआत का संकेत है। आरसीआरसीपीएल और विंध्य प्राइड के दिव्यांश सिंह बघेल ने 500 करोड़ के निवेश की इच्छा जताई। इसी क्रम में अमित दिग्विजय सिंह ने 500 करोड़ और संदड़िया बिल्डर्स के मैनेजिंग डायरेक्टर अजीत संदड़िया ने 300 करोड़ के निवेश का इरादा व्यक्त किया।
ये कंपनियां भी आईं आगे
इसके अतिरिक्त, जंगल कैंप इंडिया के गजेंद्र सिंह राठौर ने 150 करोड़, गौरव प्रताप सिंह और पुष्पराज सिंह ने 100-100 करोड़, राजस्थान फोर्ट एंड पैलेस के मैनेजिंग डायरेक्टर मानवेंद्र सिंह शेखावत ने हेरिटेज प्रॉपर्टी को विकसित करने के लिए 100 करोड़ रुपये, इको पार्क के अनुज और विजय तिवारी ने 80 करोड़, तथास्तु रिसॉर्ट के अनिल अग्रवाल ने 150 करोड़, सिद्धार्थ सिंह तोमर ने 15 करोड़, सिद्धिविनायक कंस्ट्रक्शन के वैभव सिंह कौरव ने 10 करोड़ और कैलाश फुलवानी ने 5 करोड़ के निवेश की इच्छा जताई है।
दुनिया की सारी सफारियां हमारे आगे फेल
उप-मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हर क्षेत्र में काम किया है। पूरा देश उनकी ओर देख रहा है। हम आज डंके की चोट पर कहते हैं कि हमारे पास वाइट टाइगर है। रीवा की टाइगर सफारी के आगे दुनिया की सफारियां फैल हैं। हमारे वॉटरफॉल के आगे नियाग्रा वॉटरफॉल कुछ भी नहीं है। बाण सागर का रिजर्ववॉयर मालदीप के टापू से कहीं खूबसूरत है। आज रीवा में शॉपिंग मॉल बन रहे हैं, बड़े-बड़े ब्रांड्स यहां आने को तत्पर हैं। आने वाले दिनों में रीवा स्वर्णिम नगरी होगी। यह क्षेत्र निवेश के लिए सबसे बेहतर स्थान है।
निवेशकों का स्वागत है
कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि प्रदेश सरकार इंवेस्टमेंट फ्रेंडली सरकार है। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सपना है कि 2047 तक भारत मजबूत देश हो। इसी तरह मध्यप्रदेश को भी मजबूत राज्य बनाना है। इसमें निवेशकों को भी सहयोग अपेक्षित है। प्रदेश में निवेशकों का स्वागत है। पर्यटन-संस्कृति और धार्मिक न्यास मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मैन ऑफ आइडियाज हैं। आइडियाज को धरती पर उतारने की शक्ति भी उन्हें के पास है। हमारी सरकार की मंशा विंध्य-निमाड़ बुंदेलखंड को विकसित करना है। हमारे प्रदेश में सबसे ज्यादा विविधताओं वाला प्रदेश है। हम चीता-टाइगर स्टेट हैं। धार्मिक टूरिज्म के क्षेत्र में उनके नेतृत्व में भी प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। कुछ ही समय में प्रदेश में 13 करोड़ से ज्यादा टूरिस्ट आए। हम गर्वे के साथ कह सकते हैं मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विजन से पर्यटन ऊंचाईयां छू रहा है। मैं निवेशकों से कहना चाहता हूं कि हमारी फिल्म-टूरिज्म पॉलिसी सबसे अनूठी है। आप सभी निवेशकों का प्रदेश में बाहें फैलाकर स्वागत है। पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने कहा कि रीवा की भौगोलिक स्थिति किसी भी पर्यटक को लुभा सकती है। सफेद बाघ केवल रीवा में है। बांधवगढ़ के पुरातात्विक अवशेष सबसे बड़ी पूंजी है। आज रीवा की ट्रेन-एयर कनेक्टिविटी बेहतर है। मैं आश्वस्त करता हूं कि पिछला ये डेढ़ वर्ष उद्योगपतियों से संवाद के लिए जाना जाएगा। मैं सबसे विनती करता हूं निवेशक यहां आएं, उनका स्वागत है।
लगातार काम कर रही सरकार
गौरतलब है कि मध्यप्रदेश सरकार विंध्य क्षेत्र में पर्यटन के विकास के लिए विशिष्ट परियोजनाओं पर सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। ये कार्य इस क्षेत्र की क्षमता को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। विंध्य क्षेत्र में पर्यटन को विशिष्ट अनुभव और सुविधाएं देने के लिए अमरकंटक में 50 करोड़ रुपये की लागत से प्रसाद योजना के तहत घाट, पुल और अन्य सुविधाएं विकसित की हैं। ये सुविधाएं केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने शुरू की है। इससे अमरकंटक को एक प्रमुख आध्यात्मिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थल के रूप में स्थापित किया जाना है। इसी तरह चित्रकूट भी महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल है। यहां भगवान श्रीराम ने अपने वनवास का लंबा समय व्यतीत किया था। कामतगिरि परिक्रमा पथ के विकास के लिए लगभग 36.84 करोड़ रुपये की लागत से कार्य किए जा रहे हैं। इसके अलावा चित्रकूट में भारत सरकार की स्वदेश दर्शन योजना के तहत मंदाकिनी के किनारे राघव घाट, भरत घाट पर लगभग 27 करोड़ रुपये की लागत से विशिष्ट आध्यात्मिक अनुभवों को विकसित किया जा रहा है। इस योजना में निर्मित घटकों का अगले 9 वर्षों तक संचालन व रखरखाव भी सम्मिलित है। रीवा से 65 किमी दूर स्थित शारदा देवी मंदिर श्रद्धा का एक बड़ा केंद्र है। यहां उत्तर प्रदेश व अन्य राज्यों से हजारों श्रद्धालु आते हैं। उनकी सुविधा और आध्यात्मिक अनुभवों को बढ़ाने के लिए मैहर में मां शारदा देवी लोक बनाया जाएगा। यह परियोजना मैहर को एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करेगी।
