Maha Shivratri 2023 : एमपी के उज्जैन में महाकाल बनेंगे दूल्हा, बाबा का सजेगा दरबार, जानें पूरी रोचक जानकारी

  • Authored by: टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल
  • Updated Feb 18, 2023, 01:01 PM IST

Maha Shivratri 2023 : भोलेनाथ और मां पार्वती के विवाह की मंगल बेला में उज्जयिनी के राजा बाबा महाकाल अपने भक्तों को आशीर्वाद देने के लिए दो घंटे पहले ही नींद से जाग गए। बता दें कि, महाशिवरात्रि के मौके पर मध्य रात्रि में ही ढाई बजे मंदिर के पट खोले गए। बाबा महाकाल को गुलाबी सेहरा बांधा गया। गर्भगृह को कई क्विंटल फूलों से सजाया गया। इसके पश्चात भक्तों को बाबा के दिव्य दर्शन करवाए गए।

KEY HIGHLIGHTS
  • बाबा महाकाल भक्तों को आशीर्वाद देने दो घंटे पहले ही नींद से जागे
  • षोडशोपचार पूजा के बाद बाबा महाकाल को भस्म रमाई गई
  • भोर में साढे चार बजे बाबा महाकाल को गुलाबी सेहरा बांधा गया


Maha Shivratri 2023 : मध्य प्रदेश के उजजैन में प्रसिद्ध ज्योर्तिलिंग महाकालेश्वर मंदिर में गत नौ दिनों से महाशिवरात्रि पर्व की धूम मची हुई है। मगर, आज शनिवार को भोलेनाथ और मां पार्वती के विवाह की मंगल बेला में उज्जयिनी के राजा बाबा महाकाल अपने भक्तों को आशीर्वाद देने के लिए दो घंटे पहले ही नींद से जाग गए। बता दें कि, महाशिवरात्रि के मौके पर मध्य रात्रि में ही ढाई बजे मंदिर के पट खोले गए व इसके बाद महाकाल की भस्म आरती की शुरूआत की गई। इस वर्ष ऐसा पहली बार किया गया है कि, जिससे सुबह चार बजे से चलित भस्म आरती के दौरान भक्तों ने बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन करवाए गए।

Famous Temple Ambikeshwar Jaipur

उज्जैन में बाबा महाकाल को महाशिवरात्रि पर सजाया गुलाबी सेहरे से

बाबा सजे गुलाबी सेहरे से

महाकाल मंदिर के पुजारी पंडित आशीष गुरु के मुताबिक मंदिर के पट खुलते ही सर्व प्रथम कई फलों के रस से बाबा महाकाल का स्नान संपन्न हुआ। इसके बाद षोडशोपचार पूजन खत्म हुआ तो बाबा महाकाल को भस्म रमाई गई। मध्य रात्रि में ढाई बजे से शुरू हुआ पूजा - अर्चना का क्रम भोर में साढे चार बजे तक चला। बाबा महाकाल को गुलाबी सेहरा बांधा गया। गर्भगृह को कई क्विंटल फूलों से सजाया गया। इसके पश्चात भक्तों को बाबा के दिव्य दर्शन करवाए गए। मंदिर के पुजारी के मुताबिक शनिवार को महाशिवरात्रि के मौके पर बाबा का दरबार 44 घंटे तक खुला रहेगा। वहीं बाबा की 4 पहर की पूजा- अर्चना की जाएगी।

महाशिवरात्रि पर ये होंगे आयोजन

शनिवार दोपहर को 12 बजे तहसील की ओर से राजकीय पूजा होगी। इसके बाद दोपहर तीन बजे से शनि प्रदोष की विशेष पूजा और रुद्र पाठ का आयोजन होगा। शाम छह बजे से मध्य प्रदेश के सिंधिया और होलकर राज परिवार द्वारा पूजा की जाएगी। वहीं शाम को साढे सात बजे बाबा महाकाल की नित्य संध्या आरती होगी। इसके बाद अगले आयोजन की कड़ी में रात्रि 11 बजे से महानिशाकाल में महाकाल की महापूजा रातभर की जाएगी। इसके बाद अगले दिन सुबह चार बजे बाबा का सेहरा उतारा जाएगा। दोपहर 12 बजे साल में एक बार होने वाली भस्म आरती होगी। भोग आरती के बाद महाशिवरात्रि उत्सव पूर्ण होगा व 11 बजे मंदिर के कपाट बंद किए जाएंगे।

क्षिप्रा के तट पर टूूूटेगा राघव की नगरी का रिकॉर्ड

इस बार बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में मोक्ष दायिनी मां क्षिप्रा नदी के तट पर शनिवार शाम को शिव ज्योति अर्पणम का आयोजन होगा। जिसमें इस बार महाशिवरात्रि पर्व पर राघव की नगरी अयोध्या का रिकाॅर्ड तोड़ने की तैयारी चल रही है। बता दें कि, विश्व रिकाॅर्ड बनाने को लेकर एक साथ 21 लाख दीपक रोशन होंगे। आयोजन को लेकर सभी तरह की तैयारियां परवान पर हैं। जिसमें 52 हजार लीटर आॅयल, 25 लाख रूई की बात्तियां, 6 सौ किलो कपूर समेत 4 हजार दिया सलाई का प्रबंध किया गया है। गौरतलब है कि अब तक अयोध्या नगरी में 15 लाख 76 हजार दीपक एक साथ रोशन होने का रिकाॅर्ड है।

End of Feed