Mock Drill in MP: भारतीय वायुसेना ने देर रात पाकिस्तान में स्थित आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक कर ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दिया। ऐसे में, भारत-पाक तनाव के मद्देनजर आज मध्य प्रदेश के पांच प्रमुख शहरों में शाम 4 बजे विशेष सायरन बजाकर मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। ये अभ्यास युद्ध जैसे हालात में नागरिक सुरक्षा और आपातकालीन तैयारियों का मूल्यांकन करने के लिए किया जा रहा है। मॉक ड्रिल के दौरान सायरन बजते ही लोगों को घरों की लाइट बंद करने और सुरक्षित स्थानों पर शरण लेने की सलाह दी जाएगी।
मध्य प्रदेश में आज मॉक ड्रिल
हाल ही में पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव को देखते हुए, देश के 244 जिलों में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्री परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में जोर दिया कि मौजूदा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय परिस्थितियों को देखते हुए प्रदेश को संभावित आपात स्थितियों के लिए तैयार रहना आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि मॉक ड्रिल को पूरी गंभीरता से संपन्न किया जाए और आम नागरिकों को इसकी पूर्व जानकारी प्रदान कर किसी भी प्रकार की भ्रांतियों से बचा जाए।
इन शहरों में आज मॉक ड्रिल
मध्य प्रदेश के पांच प्रमुख शहर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, कटनी और इंदौर में मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इन जिलों का चयन उनकी सुरक्षा और रणनीतिक महत्व के आधार पर किया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन ने तैयारियों की समीक्षा की और कलेक्टरों तथा पुलिस अधीक्षकों को विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। मॉक ड्रिल के दौरान युद्ध जैसी परिस्थितियों का अनुकरण किया जाएगा, जिससे प्रशासनिक और सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता को परखा जा सके। पूरे जिले में विशेष सायरन की आवाज सुनाई देगी, जो पुराने फायर ब्रिगेड सायरन जैसी होगी। पुलिस और प्रशासन सार्वजनिक घोषणाओं के माध्यम से लोगों को सतर्क करेगा और आवश्यक निर्देश प्रदान करेगा।
नागरिकों से सहयोग की अपील
मध्य प्रदेश प्रशासन ने नागरिकों से मॉक ड्रिल में भाग लेने और बिना घबराए सहयोग करने का अनुरोध किया है। यह अभ्यास न केवल सुरक्षा बलों के लिए बल्कि आम जनता को भी आपात स्थितियों के लिए तैयार करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। ड्रिल के दौरान यातायात और अन्य व्यवस्थाओं को भी सुचारू रूप से संचालित किया जाएगा ताकि दैनिक जनजीवन पर कोई बाधा न पड़े।
