पर्यटन नक्शे पर ध्रुव तारे सा चमक रहा मध्य प्रदेश, फिल्म मेकर और विदेशी पर्यटकों की बन रहा पसंद : CM मोहन यादव

मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है जहां इको सेंसिटिव जोनल मास्टर प्लान बनाने का काम शुरू किया गया और 27 राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों में से सतपुड़ा राष्ट्रीय उद्यान और बोरी वन्य जीव अभ्यारण्य में पूरा हो गया। यहां हैरिटेज पर्यटन की कई परियोजनाएं शुरू की गई हैं और विदेशी पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

भारत का हृदय मध्य प्रदेश अप्रतिम सौंदर्य से समृद्ध प्रदेश है। यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि मध्यप्रदेश सर्वाधिक सम्मोहित करने वाला राज्य है। इसके कण-कण में सौंदर्य है, जो एक बार आता है यहां की स्मृतियों के सम्मोहन में बंधकर बार-बार आता है। मध्यप्रदेश में हर आयु के पर्यटकों को आकर्षित करने की क्षमता है। पर्यटन के संबंध में दशकों पहले की अवधारणाएं अब समाप्त हो गई हैं। मध्यप्रदेश के पर्यटन ने अब उद्योग का रूप ले लिया है। हमारी नीतियों और दूरदर्शी निर्णयों से पर्यटन क्षेत्र का तेजी से विस्तार हो रहा है। यह सर्वमान्य तथ्य है कि अर्थव्यवस्था में पर्यटन सर्वाधिक रोजगार उत्पन्न करने वाला सेक्टर है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अतुल्य भारत का वैश्विक स्तर पर मान-सम्मान बढ़ा है। इसका सकारात्मक प्रभाव सभी राज्यों के पर्यटन उद्योग पर पड़ा है। देश का घरेलू पर्यटन बढ़ने से मध्यप्रदेश जैसे तेजी से बढ़ते राज्य को सीधा लाभ हुआ है।

CM Mohan Yadav

सीएम मोहन यादव (फोटो-@DrMohanYadav51)

मध्यप्रदेश के शांतिप्रिय नागरिकों के लिये सबसे ज्यादा खुशी की बात है कि मध्यप्रदेश अब वैश्चिक पर्यटन नक्शे पर ध्रुव तारे जैसा चमक रहा है। हमारे पर्यटन की सबसे बड़ी विशेषता है कि यह अत्यंत समृद्ध और विविधता से सम्पन्न है। साथ ही जिम्मेदार और सुरक्षित भी। प्रदेश में पर्यटन की नई-नई शाखाएं उभरी है। प्राकृतिक पर्यटन हो या सांस्कृतिक पर्यटन, आध्यात्मिक पर्यटन हो या वन्यजीव पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन हो या रोमांचकारी पर्यटन, कृषि पर्यटन हो या फिल्म पर्यटन या नया उभरता हुआ चिकित्सा पर्यटन। इन सभी नये स्वरूपों के साथ मध्यप्रदेश की पहचान बहुआयामी पर्यटन प्रदेश के रूप में हो रही है।

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