CM Mohan: MP : प्राकृतिक गोबर खाद से पैदा अनाज को ज्यादा कीमत में खरीदा जाएगा, CM ने बनाया प्लान

मध्य प्रदेश बनेगा भारत का डेयरी राजधानी, सरकार ने पशुपालन और डेयरी विभाग के नाम में जोड़ा 'गोपालन'

भोपाल : मध्य प्रदेश की राज्य सरकार ने गोपालन को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ की हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को गोशाला सम्मेलन में बताया कि पशुपालन और डेयरी विकास विभाग का नाम बदलकर "पशुपालन, डेयरी एवं गोपालन विभाग" रखा जाएगा। इसके साथ ही, दुग्ध समितियों की संख्या 9,000 से बढ़ाकर 26,000 करने का संकल्प लिया गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि प्राकृतिक गोबर खाद से पैदा अनाज को सामान्य से अधिक मूल्य पर खरीदा जाएगा। इस अवसर पर, गोशालाओं को प्रति गाय 40 रुपए के मान से 90 करोड़ रुपए का आहार अनुदान ऑनलाइन ट्रांसफर किया गया। भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना का क्रियान्वयन भी शुरू किया गया है।

CM Mohan Yadav

सीएम मोहन यादव (फाइल फोटो)

दैनिक भास्कर के मुताबिक, मुख्यमंत्री ने 7 गोशालाओं के गोसेवियों को सम्मानित किया और 73 नई गोशालाओं को पंजीकरण प्रमाणपत्र प्रदान किए। सरकार ने गोशालाओं के लिए 125 एकड़ जमीन देने की भी घोषणा की है। 2023-24 के लिए आचार्य विद्यासागर जीवदया गोसेवा सम्मान भी प्रदान किए गए। मुख्यमंत्री ने बताया कि पशुपालन विभाग का बजट 300 करोड़ से बढ़ाकर 2600 करोड़ रुपए किया गया है, जिससे दूध उत्पादन को बढ़ाने की सरकार की गंभीरता का पता चलता है। प्रदेश में दूध उत्पादन को पांच गुना बढ़ाने के लिए राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के साथ अनुबंध किया गया है। वर्तमान में, मध्य प्रदेश में 5.5 करोड़ लीटर दूध का उत्पादन हो रहा है, जिसमें से 50% घरेलू उपयोग और 50% बाजार में जा रहा है।

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