भोपाल

मध्य प्रदेश में पेशाब कांड के बाद एक और घिनौनी करतूत, दलित के चेहरे और सिर पर डाला इंसानी मल

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Jul 23, 2023, 08:18 AM IST

MP News: पीड़ित ने अपनी शिकायत में दावा किया है कि इसके बाद आरोपी पटेल ने पास में पड़ा इंसान का मल उसके चेहरे और सिर पर लगा दिया और उसे जाति के आधार पर अपमानित भी किया। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया है, उसके खिलाफ मामला दर्ज किया जा रहा है।

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पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया

Photo : iStock

MP News: मध्य प्रदेश के सीधी जिले में आदिवासी व्यक्ति पर एक युवक द्वारा पेशाब किए जाने की घटना को कुछ दिन ही हुए हैं कि एक और घिनौनी घटना सामने आई है। यहां के छतरपुर जिले में एक दलित व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि दूसरी जाति के व्यक्ति ने उसके चेहरे और सिर पर इंसान का मल डाल दिया।

एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीड़ित की शिकायत के आधार पर आरोपी को हिरासत में लिया गया है और कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया, पीड़ित और आरोपी व्यक्ति की उम्र 40 से 45 साल के बीच है।

ग्रीस लगे हाथ से छू लिया था

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दलित व्यक्ति की पहचान दशरथ अहिरवार के रूप में की गई है। उसने अपनी शिकायत में बताया कि छतरपुर के बिकौरा गांव में वह नाली के निर्माण कार्य में लगा हुआ था। इसी दौरान आरोपी रामकृपाल पटेल पास के हैंडपंप पर नहा रहा था। तभी दशरथ अहिरवार ने गलती से निर्माण कार्य में इस्तेमाल की जा रही ग्रीस लगे हाथों से पटेल को छू लिया।

आरोपी ने गुस्से में लगा दिया मल

पीड़ित ने अपनी शिकायत में दावा किया है कि इसके बाद आरोपी पटेल ने पास में पड़ा इंसान का मल उसके चेहरे और सिर पर लगा दिया और उसे जाति के आधार पर अपमानित भी किया। अहिरवार ने आरोप लगाया कि उसने घटना की सूचना पंचायत को दी थी, जिसके बाद उसके ही ऊपर 600 रुपये का जुर्माना लगा दिया गया। उधर, पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया जा रहा है।

चर्चा में रहा था पेशाब कांड

बता दें, कुछ दिन पहले सीधी जिले में ऐसा ही एक मामला सामने आया था, जिसमें एक आदिवासी व्यक्ति पर एक युवक ने पेशाब कर दी थी। इस घटना का वीडियो भी वायरल हुआ था, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था। घटना का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दलित व्यक्ति को बुलाकर उसे सम्मानित किया था।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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