Indore And Bhopal Metro: इस साल इंदौर वासियों को मेट्रो की झलक मिल सकती है। राज्य सरकार की कोशिश है कि नवंबर-दिसंबर में होने वाले विधान सभा चुनाव से पहले वह शहर वासियों को तोहफा दे सके। ऐसे में काम में तेजी लाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं। वहीं अगर किसी स्थिति मेंलोगों के लिए मेट्रो सुविधा शुरू नहीं हो पाई तो कम से कम मेट्रो का ट्रॉयल रन जरूर शुरू हो जाए। इस पर सरकार का पूरा फोकस है। जिससे कि सरकार जनता को यह बता सके कि उसने मेट्रो की सौगात दे दी है। इंदौर में करीब 31.5 किलोमीटर का मेट्रो नेटवर्क तैयार किया जा रहा है।
प्रतीकात्मक तस्वीर-इंदौर, भोपाल में इस साल मेट्रो का तोहफा
अभी पहले चरण का चल रहा है काम
इंदौर में अभी मेट्रो के पहले चरण का काम चल रहा है। इसमें से करीब 28 किलोमीटर का रूट एलिविडेट है, जबकि शेष रूट अंडरग्राउड है। साल 2019 में इंदौर मेट्रोल रेल प्रोजेक्ट की शुरूआत हुई थी। जिस पर करीब 7,500 करोड़ रुपये की लागत आएगी। ऐसी संभावना है कि चुनावों को देखते हुए पांच किमी लम्बा ट्रायल रन सितम्बर-अक्टूबर 2023 तक में शुरू कर दी दाय। और 2023 के अंत तक कुछ स्टेशन तक मेट्रो सेवा शुरू कर दी जाय। रिपोर्ट के अनुसार 31.5 किलोमीटर का ट्रैक पूरा होने के बाद कुल 28 ट्रेनें चलेगीं। स्टेशनों की दूरी के अनुसार एक से तीन मिनट में ट्रेन स्टेशन पर पहुंच जाएगी।
इन रूट पर पहले फोकस
इंदौर मेट्रो ट्रेन में गांधी नगर से लेकर रेडिसन-रोबोट चौराहे तक सबसे तेजी से काम चल रहा है। इस रूट की लंबाई 17.2 किलोमीटर है, जिसमें 5.9 किमी का काम पहले पूरा होगा। गांधी नगर से सुपर कॉरिडोर के बीच में 5 किलोमीटर रूट पर सितंबर 2023 में मेट्रो ट्रेन चलाकर ट्रायल शुरू करने की तैयारी है। इसके तहत जनवरी से पटरी बिछाने का काम शुरू कर दिया जाएगी।और जुलाई में ट्रायल रन के लिए ट्रेन भी आ जाएगी।
भोपाल में पहले शुरू हो सकती है मेट्रो
भोपाल में मेट्रो का पहला रूट AIIMS से करोंद तक कुल 16.05 किलोमीटर लम्बा है। इसमें से 6.22 किमी एम्स से सुभाष नगर के बीच का काम साल 2018 में शुरू हुआ था। इसका 80% से ज्यादा काम पूरा हो चुका है। 9 महीने में बाकी बचे 20 फीसदी काम को पूरा करने का टारगेट है। ऐसी संभावना है कि इस साल भोपाल निवासी साल 2023 में मेट्रो का सफर कर सकेंगे।
