Jyotiraditya Scindia MP Guna Modi 3.0 Cabinet: मध्य प्रदेश ने लोकसभा चुनाव 2024 में बीजेपी पार्टी को भारी सफलता दिलाई है, यहां राज्य में बीजेपी ने 29 लोकसभा सीटों पर जीत दर्ज की है बता दें कि गुना से सांसद रहे ज्योतिरादित्य सिंधिया एक बार फिर मंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं, इसे लेकर उनके लोकसभा क्षेत्र में भारी खुशी का माहौल है, ग्वालियर के सिंधिया राजघराने के वंशज ज्योतिरादित्य सिंधिया अपने परिवार की राजनीतिक विरासत को शानदार तरीके से आगे बढ़ रहे हैं।
ज्योतिरादित्य सिंधिया फिर संभालने जा रहे मोदी 3.0 कैबिनेट में अहम जिम्मेदारी
अब 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में वह सिंधिया राजघराने की परंपरागत सीट गुना से भारी वोटों से चुनाव जीतकर वो पांचवीं बार लोकसभा में पहुंचे हैं और फिर से वो मंत्री बनने जा रहे हैं।
ज्योतिरादित्य पांचवीं बार लोकसभा में पहुंचे हैं
गौर हो कि सिंधिया राजनीतिज्ञ माधवराव सिंधिया के पुत्र हैं और जीवाजीराव सिंधिया के पोते हैं। 1 जनवरी 1971 को जन्मे ज्योतिरादित्य माधवराव सिंधिया वह 2020 से मध्य प्रदेश राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले राज्यसभा में संसद सदस्य हैं वहीं इस बार 2024 में हुए लोकसभा चुनाव में वह सिंधिया राजघराने की परंपरागत सीट गुना से भारी वोटों से चुनाव जीते हैं, वे पांचवीं बार लोकसभा में पहुंचे हैं और इस बार फिर वे मंत्री बनने जा रहे हैं।
पिता माधवराव सिंधिया की मौत के बाद आए राजनीति में
गौर हो कि 30 सितम्बर 2001 को अचानक उनके पिता माधवराव सिंधिया का एक विमान हादसे में निधन हो गया, जिसके बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस की सदस्यता ले ली और अपने पिता की लोकसभा सीट गुना से चुनाव लड़ा और जीतकर पहली बार संसद पहुंचे वहीं 2004 के चुनाव में वे दूसरी बार सांसद चुने गए और 2007 में केंद्रीय संचार और सूचना प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री बने।
करियर की शुरुआत एक बैंकर के रुप में की
अमेरिका के हार्वर्ड कॉलेज से ग्रेजुएशन, स्टैनफोर्ड विश्वविद्यालय में ग्रेजुएट स्कूल ऑफ बिजनेस से एमबीए डिग्री हासिल करने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया ने एक बैंकर के रुप में अपने करियर की शुरुआत की थी।
ज्योतिरादित्य चौथी बार बनने जा रहे मंत्री
ज्योतिरादित्य माधवराव सिंधिया 2007 में संचार और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री के रूप में केंद्रीय मंत्रिपरिषद में शामिल किया गया। फिर उन्हें 2009 में लगातार तीसरी बार फिर से चुना गया और वाणिज्य और उद्योग राज्य मंत्री बने, फिर 2014 में सिंधिया चुनाव जीतने के बाद एक बार फिर मंत्री बने वह यूपीए सरकार में सबसे अमीर मंत्रियों में से एक थे, पर साल 2019 के चुनाव में गुना लोकसभा सीट से ज्योतिरादित्य सिंधिया को भाजपा के केपी यादव ने हरा दिया था, फिर साल 2020 के मार्च में उन्होंने अपने समर्थकों के साथ भाजपा ज्वाइन कर लिया। भाजपा ने उन्हें राज्यसभा भेजा और 2021 में उन्हें मोदी कैबिनेट में नागरिक उड्डयन मंत्रालय का जिम्मा सौंपा गया।
ज्योतिरादित्य इस मामले में अपने पिता से निकले आगे
ज्योतिरादित्य के पिता माधवराव सिंधिया साल 1984 के चुनाव में मंत्री के रूप में पहली बार शामिल हुए थे, पीएम राजीव गांधी ने उन्हें रेल मंत्री बनाया था, फिर आगे भी वो केंद्र में मंत्री बने यानी पिता माधवराव सिंधिया को 3 बार केंद्र में मंत्री बनने का मौका मिला पर अब ज्योतिरादित्य सिंधिया चौथी बार मंत्री बनकर अपने पिता से भी आगे निकल जायेंगे।
