Indore Temple Stepwell Collapse Latest Update, Indore mishap, Indore incident: मध्य प्रदेश के इंदौर में रामनवमी पर एक मंदिर में बावड़ी की छत धंसने की घटना में 14 लोगों की जान चली गई। घटना पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मृतकों के परिजन के लिए पांच-पांच लाख रुपए के मुआवजे का ऐलान किया।
इस बीच, सूबे के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया- 19 लोगों को बचाया गया है। 11 लाशें मिली हैं, जिनमें 10 महिलाएं और एक पुरुष की हैं। जिन 19 लोगों को रेस्क्यू किया गया था, उनमें से दो की मौत हो गई। ऐसे में कुल मृतकों की संख्या 13 है। मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। हालांकि, इंदौर के कलेक्टर डॉ.इलयराज टी ने रात 10 बजे के आसपास को मीडिया कि मृतकों की संख्या बढ़कर 14 हो चुकी है।
Stepwell collapse at Indore temple | The death toll has risen to 14. The process of de-watering is being carried ou… t.co/mcwl9laO75
— ANI (@ANI) Mar 30, 2023
#WATCH | Madhya Pradesh: A team of NDRF reaches the temple in Indore where a stepwell collapse claimed 11 lives. t.co/SisOnuXRiW
— ANI (@ANI) Mar 30, 2023
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने घटना के बाद मृतकों के परिजन के लिए पांच-पांच लाख रुपए और घायलों के लिए 50 हजार रुपए के मुआवजे का ऐलान किया है। देखें, उन्होंने इस बारे में क्या कुछ कहा?:
Stepwell collapse at Indore temple | MP: An ex-gratia amount of Rs 5 lakhs to be given to next of kin of deceased… t.co/uvgNVERCCZ
— ANI (@ANI) Mar 30, 2023
दरअसल, यह पूरी घटना पटेल नगर के बेलेश्वर महादेव झूलेलाल मंदिर से जुड़ी है। गुरुवार (30 मार्च, 2023) को वहां रामनवमी के मौके पर हवन हुआ था। इस बीच, पुरातन बावड़ी की छत धंस गई, जिसके बाद कम से कम 25 लोग उसमें गिर गए थे। समाचार एजेंसी पीटीआई-भाषा को इस बारे में एक चश्मदीद ने बताया धार्मिक कार्यक्रम के समय बावड़ी की छत पर श्रद्धालुओं की भीड़ एकजुट हो गई थी। छत धंसने की खबर के बाद मंदिर के आस-पास उन चिंतित लोगों की भीड़ जुट गई, जिनके परिजन हादसे के वक्त मंदिर में थे।
Extremely pained by the mishap in Indore. Spoke to CM @ChouhanShivraj Ji and took an update on the situation. The S… t.co/gCjgrAxW7v
— ANI (@ANI) Mar 30, 2023
पटेल नगर रहवासी संघ के अध्यक्ष कांतिभाई पटेल ने इस बात पर नाराजगी जताई कि हादसे की सूचना दिए जाने के बाद भी मौके पर एक घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची थी। रहवासियों ने बताया कि मंदिर पुरातन बावड़ी पर छत डालकर बनाया गया था। वहीं, जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन ऐसे सार्वजनिक स्थानों को चिन्हित करेगा, जहां इस तरह के हादसे होने की आशंका है और वहां सुरक्षा के जरूरी इंतजाम किए जाएंगे।
