इंदौर: इंदौर के जिलाधिकारी कार्यालय के एक लिपिक ने पिछले तीन साल के दौरान सरकारी खजाने से 5 करोड़ रुपए से अधिक राशि का गबन किया और इसका बड़ा हिस्सा अनैतिक कामों में उड़ा दिया। एक अधिकारी ने गुरुवार को इसकी जानकारी दी। अधिकारी ने मामले की जांच के आधार पर बताया कि गबन के मामले के खुलासे के बाद जिलाधिकारी कार्यालय की लेखा शाखा के लिपिक मिलाप चौहान (42) को तीन दिन पहले निलंबित किया जा चुका है।
मध्य प्रदेश में क्लर्क ने किया 5 करोड़ का गबन
अतिरिक्त जिलाधिकारी (एडीएम) राजेश राठौर ने को बताया कि चौहान के खिलाफ हमारी विस्तृत जांच जारी है और वर्ष 2020 से लेकर अब तक उसके द्वारा 5 करोड़ रुपये से ज्यादा के गबन का पता चला है। उन्होंने बताया कि उसने अलग-अलग योजनाओं के हितग्राहियों को मिलने वाली रकम और अन्य सरकारी भुगतान की राशि अपनी पत्नी, रिश्तेदारों और परिचितों के करीब 25 बैंक खातों में फर्जीवाड़े के जरिये पहुंचा दी। एडीएम ने बताया कि हमें पता चला है कि चौहान ने गबन की राशि का बड़ा हिस्सा अनैतिक कामों और हवाई यात्राओं के जरिये पर्यटन में खर्च किया है।
राठौर ने बताया कि गबन के इस मामले में दो अन्य शासकीय कर्मचारियों के भी शामिल होने के सुराग मिले हैं और उनके खिलाफ भी जांच की जा रही है। उन्होंने बताया कि जो सरकारी भुगतान ऑनलाइन अंतरण के वक्त किसी तकनीकी त्रुटि के चलते असफल हो जाते थे, उन्हें ये कर्मचारी अपने परिचितों और रिश्तेदारों के खातों में पहुंचा देते थे जबकि उन्हें त्रुटि दूर करके वास्तविक हितग्राहियों तक रकम पहुंचानी चाहिए थी। एडीएम ने बताया कि गबन के इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कराई जा रही है।
