ED की बड़ी कार्रवाई; पूर्व ईपीएफओ अधिकारी की 51 लाख की अवैध संपत्ति जब्त, रिश्वतखोरी हुआ पर्दाफाश

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने ईपीएफओ के पूर्व प्रवर्तन अधिकारी श्यामलाल अखंड के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी 51 लाख रुपये की संपत्तियां कुर्क की हैं। जांच में खुलासा हुआ है कि अखंड ने अपनी वैध आय से अधिक संपत्ति अर्जित की और भ्रष्टाचार में शामिल थे। यह कार्रवाई पीएमएलए 2002 और सीबीआई की पूर्व प्राथमिकी के आधार पर की गई है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की भोपाल इकाई ने कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के पूर्व प्रवर्तन अधिकारी श्यामलाल अखंड और उनके सहयोगियों की संपत्तियां कुर्क की हैं। यह कार्रवाई पीएमएलए 2002 के तहत की गई है। कुर्क की गई संपत्तियों में उज्जैन के नलवा गांव की कृषि भूमि और इंदौर के जख्या क्षेत्र की एमरॉल्ड सिटी में स्थित एक आवासीय भूखंड शामिल हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत करीब 51 लाख रुपये है।

ED (File Photo)

प्रवर्तन निदेशालय (फाइल फोटो)

ईडी की जांच में सामने आया कि श्यामलाल अखंड ने 2009 से 2019 के बीच ईपीएफओ में कार्यरत रहते हुए अपनी वैध आय से कहीं अधिक संपत्ति अर्जित की। उन्होंने अवैध रूप से अर्जित धन का उपयोग कर अपने और परिवार के नाम पर जमीन और अन्य संपत्तियां खरीदीं। उनके पारिवारिक बैंक खातों में भी बड़ी मात्रा में नकद राशि पाई गई। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि अखंड भ्रष्टाचार में लिप्त थे और उन्होंने रिश्वत की मांग भी की थी।

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