Swadeshi Abhiyan: स्वदेशी को लेकर देशभर में चल रही मुहिम के बीच मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने लोगों से ऑनलाइन सामान नहीं खरीदने की अपील की है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने लोगों को शपथ लेने के लिए कहा कि वो अब ऑनलाइन सामान नहीं खरीदेंगे।
मुख्यमंत्री मोहन यादव (फोटो साभार: @DrMohanYadav51)
क्या कुछ बोले CM यादव?
मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि आज कल ऑनलाइन-ऑनलाइन बहुत चलता है। ऑनलाइन खरीदारी का सिस्टम चल रहा है। आप ऑनलाइन सामान खरीदते हैं तो पैसा विदेश में जाता है। हमको ऑनलाइन के चक्कर में नहीं पड़ना है, सामान ऑफलाइन खरीदना है। गरीब आदमी घर में दिए बनाकर बेचने आता है। कोई अगरबत्ती बनाता है, कोई पापड़ बनाता है। कोई छोटे मोटे और सामान बनाता है। ये सब स्वदेशी के काम है। इसको ही प्रोत्साहित करने की ज़रुरत है।
उन्होंने कहा कि छोटे से निर्णय से कई लोगों की ज़िंदगी बदल जाती है। इससे देश सशक्त होता है। देश आत्मनिर्भर होता है। देश को सशक्त बनाने के लिए हम सबको स्वदेशी को बढ़ावा देने की जरूरत है। आज आप कसम खा लो कि आप जो भी सामान खरीदें, वो स्वदेशी खरीदें। घर में कोई चीज़ बुलवाएं, वो स्वदेशी ही बुलवाएं।
'गर्व से कहो ये स्वदेशी है'
स्वदेशी के प्रोत्साहन को लेकर प्रदेश में अलग-अलग तरह की मुहिम चल रही है। सरकार की ओर से लगातार स्वदेशी को बढ़ावा देने की दिशा में बात की जा रही है। इतना ही नहीं सरकार के निर्देश पर स्वदेशी मेलों को भी काफी प्रोत्साहित किया जा रहा है। दरअसल, पीएम मोदी ने अपने जन्मदिन यानि 17 सितंबर को धार के बदनावर से आम जनता से स्वदेशी को बढ़ावा देने की अपील की थी। पीएम ने इस दौरान एक नारा भी दिया कि हर दुकानदार अपने प्रतिष्ठान के बाहर ये स्लोगन लिखें- गर्व से कहो ये स्वदेशी है।
'ग्राहकों से स्वदेशी बेचने खरीदने की करेंगे अपील'
जैसे ही पीएम ने मंच से अपील की एक बड़े व्यापारी वर्ग ने इस पर अमल करना शुरू कर दिया। भोपाल के कई व्यापारियों ने संगठित होकर स्वदेशी सामान बेचने के पोस्टर लगाने शुरू कर दिए। पुराने भोपाल के किराना व्यापारी संघ ने अपनी दुकानों के 'बाहर गर्व से कहो, ये स्वदेशी है' के पोस्टर चस्पा किए। व्यापारियों ने कहा कि अमेरिका को मुंहतोड जवाब देने का वक्त आ गया है। स्वदेशी अपनाकर हम आत्मनिर्भर बनने की राह में आगे बढ़ सकते हैं। हम स्वदेशी बेचेंगे और ग्राहकों से भी स्वदेशी सामान खरीदने की अपील करेंगे। हमें उम्मीद है कि सभी व्यापारी संघ इस मुहिम में साथ आएंगे। इस दौरान एक मुस्लिम महिला ग्राहक ने भी इस मुहिम में शामिल होकर लोगों से स्वदेशी सामग्री ही खरीदने की अपील की।
इस दौरान व्यापारी संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि अगर दुकानदार और ग्राहक मिलकर ये तय कर लें कि स्वदेशी को ही अपनाना है तो देश को मज़बूती मिलेगी और व्यापार भी बढ़ेगा, लेकिन इसके लिए ज़रुरी है कि ऑनलाइन बाज़ार बंद हों। लोगों को भी ऑफलाइन यानि कि दुकानों से सामान खरीदना चाहिए। दरअसल, दो प्रमुख ई कॉमर्स कंपनियां मूल रूप से अमेरिका की हैं। फ्लिपकार्ट की शुरुआत बेंगलुरू में हुई थी, लेकिन अमेरिका की वॉलमार्ट कंपनी ने इसकी 77 फीसदी साझेदारी खरीद ली, जिसके बाद इस पर अमेरिकी कंपनी का मालिकाना हक हो चुका है। वहीं, एमेजॉन मूल रूप से अमेरिकी कंपनी है, जो दुनियाभर में ई कॉमर्स का बड़ा कारोबार करती है। भारत में दोनों ही कंपनियों का टर्नओवर हजारों करोड़ रुपए सालाना होता है।
