Momin Eidgah Jabalpur Dispute: जबलपुर के गोहलपुर क्षेत्र स्थित मोमिन ईदगाह वक्फ कमेटी को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। नई वक्फ कमेटी के गठन के बाद भी पुरानी कमेटी ने संपत्ति का नियंत्रण छोड़ने से इनकार कर दिया था। मामला न्यायालय और प्रशासन तक पहुंचा, जहां नई कमेटी को अधिकार दिए जाने की पुष्टि हुई। इसके बावजूद पुरानी कमेटी ने चार्ज हस्तांतरित नहीं किया। स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पुलिस बल ने मोमिन ईदगाह पहुंचकर नई कमेटी को अधिकार सौंपने की प्रक्रिया पूरी की।
जबलपुर में मोमिन ईदगाह वक्फ कमेटी पर विवाद
मोमिन ईदगाह की वक्फ संपत्ति पर नई कमेटी के अधिकार ग्रहण करने के बाद पुरानी कमेटी के सदस्य नाराज हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कुछ ही समय में दोनों पक्षों के सैकड़ों लोग ईदगाह परिसर के बाहर इकट्ठा हो गए और जोरदार नारेबाजी होने लगी। स्थिति को बिगड़ता देख प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। हालात तब और तनावपूर्ण हो गए जब नई कमेटी को अधिकार सौंपे जाने पर पुरानी कमेटी के समर्थकों ने उग्र व्यवहार अपनाया और माहौल अशांत हो गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को सख्ती बरतनी पड़ी। इस दौरान पुरानी कमेटी से जुड़े लगभग छह पार्षदों सहित कई लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेजा गया।
पक्षपातपूर्ण कदम बताते हुए विरोध
जबलपुर के गोहलपुर क्षेत्र में स्थित मोमिन ईदगाह वक्फ कमेटी को शहर की सबसे पुरानी वक्फ संस्थाओं में माना जाता है। करीब आठ महीने पहले मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड ने इस पुरानी कमेटी को भंग कर एक नई कमेटी का गठन किया था। हालांकि, नई कमेटी को कार्यभार सौंपने में पुरानी कमेटी ने लगातार असहमति जताई, जिससे मामला न्यायालय तक जा पहुंचा। प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में जब नई कमेटी को अधिकार सौंपे गए, तो पुरानी कमेटी से जुड़े लोगों ने इसे पक्षपातपूर्ण कदम बताते हुए विरोध दर्ज किया। उनका मानना है कि प्रशासन ने निष्पक्षता नहीं बरती, जबकि नई कमेटी का कहना है कि वक्फ बोर्ड द्वारा ही पूरे प्रदेश में संपत्तियों के प्रबंधन हेतु जिला स्तर पर कमेटियों का गठन किया जाता है।
कमेटी के अध्यक्ष और सदस्यों का क्या कहना है?
नई वक्फ कमेटी के अध्यक्ष और सदस्यों का कहना है कि मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड द्वारा प्रदेशभर में वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन हेतु जिला स्तर पर समितियों का गठन किया जाता है। इसके बावजूद, जबलपुर की पुरानी कमेटी ने नई कमेटी को कार्यभार सौंपने से लगातार इनकार किया। इस स्थिति को देखते हुए नई कमेटी ने जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में अंततः नई कमेटी को अधिकार सौंपे गए। बताया जा रहा है कि मोमिन ईदगाह की पुरानी वक्फ कमेटी पिछले लगभग तीन दशकों से इस संपत्ति पर नियंत्रण बनाए हुए थी, और इसी वजह से वह नई कमेटी को चार्ज देने से पीछे हट रही थी।
