जहरीला कफ सिरप मामला : न क्वालिटी कंट्रोल, न माइक्रोबायलॉजी लैब, 3BHK जितनी जगह में बन रही थी जानलेवा दवा

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप से 14 बच्चों की मौत के बाद हड़कंप मच गया। जांच में पता चला कि तमिलनाडु की 3BHK जितनी जगह में बनी फैक्ट्री में बिना क्वालिटी कंट्रोल लैब के यह सिरप बनाया जा रहा था। इतनी छोटी फैक्ट्री में 60 प्रोडक्ट बनते थे।

जहरीला कफ सिरप मामला : मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा में कफ सिरप पीने से 14 बच्चों की मौत से देशभर में हाहाकार मचा हुआ है। दर्जनों बच्चे अब भी जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। मध्य प्रदेश सरकार ने तुरंत उस कफ सिरप पर बैन लगा दिया, लेकिन जिन परिवारों ने अपने बच्चे खोए हैं, उनके घर में तो दिवाली से पहले अंधेरा हो गया। छिंदवाड़ा की घटना से सबक लेते हुए कई अन्य राज्यों ने भी उस कफ सिरप पर बैन लगा दिया। कफ सिरप बनाने वाली कंपनी के पते पर जांच टीम भेजी गई और जो खुलासे हुए हैं और गंभीर और चौंकाने वाले हैं।

Sresan Factory

श्रेसन फार्मा की छोटी सी फैक्ट्री

जिस कोल्ड्रिफ सिरप ने इतने बच्चों की जान ली उसमें डायथिलीन ग्लायकॉल की मात्रा 48.6 फीसद मिली। जिसके बाद तमिलनाडु सरकार ने 3 अक्टूबर 2025 को श्रेसन फार्मा कंपनी में इस कफ सिरप के उत्पादन पर रोक लगा दी थी। इस कंपनी के खिलाफ मध्य प्रदेश में FIR दर्ज होने के बाद पुलिस की एक विशेष जांच टीम तमिलनाडु भेजी गई थी।

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