Chhindwara Cough Syrup Case: 24 बच्चों की मौत के सौदागर डॉक्टर को चाहिए बेल, MP हाईकोर्ट ने याचिका पर सुनवाई टाली

छिंदवाड़ा के आरोपी चिकित्सक डॉ. प्रवीण सोनी ने अधिकांश बीमार बच्चों को दूषित कफ सिरप ‘कोल्ड्रिफ’ की सलाह दी थी। उन्हें बच्चों की मौत के संबंध में कथित लापरवाही के लिए गिरफ्तार किया गया है।

जबलपुर : मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने छिंदवाड़ा और बैतूल जिलों में कथित तौर पर संदूषित कफ सिरप पीने से 24 बच्चों की मौत के मामले में गिरफ्तार एक चिकित्सक की जमानत याचिका पर सुनवाई बृहस्पतिवार को समयाभाव के कारण स्थगित कर दी। छिंदवाड़ा के आरोपी चिकित्सक डॉ. प्रवीण सोनी ने अधिकांश बीमार बच्चों को दूषित कफ सिरप ‘कोल्ड्रिफ’ की सलाह दी थी। उन्हें बच्चों की मौत के संबंध में कथित लापरवाही के लिए गिरफ्तार किया गया है। सोनी के वकील पवन शुक्ला ने बताया कि उनके मुवक्किल की जमानत याचिका न्यायमूर्ति प्रमोद कुमार अग्रवाल की एकल पीठ के समक्ष सूचीबद्ध की गई थी, लेकिन समय की कमी के कारण इस पर सुनवाई नहीं की जा सकी।

COUGH SYRUP

प्रतीकात्मक फोटो (istock)

कंपनी का मालिक गिरफ्तार

शुक्ला ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि इस पर शुक्रवार को सुनवाई होने की उम्मीद है। छिंदवाड़ा में 22 और बैतूल में दो बच्चों की मौत एक निजी दवा कंपनी द्वारा निर्मित कोल्ड्रिफ कफ सिरप के सेवन से हुई थी। कंपनी के मालिक को पिछले सप्ताह तमिलनाडु से गिरफ्तार किया गया था। जान गंवाने वाले ज्यादातर बच्चों को यह सिरप पीने की सलाह सोनी ने दी थी। जिन बच्चों की मौत हुई है उनमें से अधिकतर की उम्र पांच साल से कम थी। मध्यप्रदेश के अलावा राजस्थान के विभिन्न जिलों में कफ सिरप के सेवन से कम से कम तीन बच्चों की कथित तौर पर मौत हो गई है।

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