Bhopal : मप्र के लोगों के लिए ये एक अहम खबर है, बता दें कि, सूबे की शिवराज सरकार प्रदेश की 5642 अवैध कॉलोनियों को आगामी 1 मई से वैध करने जा रही है। इसके बाद इन काॅलोनियों में भवन निर्माण की मंजूरी मिलने लगेगी। इसी के साथ यहां पर बसे लोग बिजली व पानी के कनेक्शन सहित कई सरकारी अधिकारों के लिए पात्र हो जाएंगे।
सीएम शिराज सिंह ने एमपी की हजारों काॅलोनियों को वैध करने की घोषणा की है
सरकार अवैध काॅलोनी को वैध करने के नियमों में बदलाव कर इन्हें आसान बनाने की कवायद कर रही है। गौरतलब है कि, हाल ही में हुई प्रदेश के सभी कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस में नगरीय आवास एवं पर्यावरण विभाग ने इसका मसौदा सीएम के सामने रखा। जिस पर सीएम ने इसे मंजूरी देने हुए अधिकारियों से कहा कि, अब प्रदेश में अवैध काॅलोनियां नहीं बसनी चाहिए।
अब मिलेगी इतनी छूट
पहले विकास शुल्क के लिए प्रावधान था कि किसी कॉलोनी में 70 प्रतिशत लोग ईडब्ल्यूएस हैं तो पूरी कॉलोनी को विकास शुल्क में 80 फीसदी की छूट मिलती थी। अब इसे व्यक्तिगत किया जा रहा है। यानी कोई व्यक्ति भी ईडब्ल्यूएस है तो उसे 80 प्रतिशत की छूट मिलेगी। मसौदे में एक प्रावधान ये भी जोड़ा गया है कि जब मकान की बिक्री की जाएगी तो उसे बेचने के लिए भवन की मंजूरी लेने आएगा तो उससे विकास शुल्क लिया जाएगा, इससे पहले नहीं। वहीं भवन के ले-आउट का प्रारूप स्वीकृत होने के बाद कॉलोनी में होने वाले विकास और बिजली-नल कनेक्शन के मकान मालिक बिना शुल्क के ही उपयोग कर सकेगा।
इन अवैध कॉलोनियों को मिलेगा फायदा
नगरीय विकास एवं पर्यावरण विभाग के अधिकारियों के मुताबिक अवैध कॉलोनी को वैध करने की समय सीमा तय कर दी गई है। जिसमें दिसंबर 2016 तक प्रदेश में कुल 5642 कॉलोनियां अवैध पाई गई हैं, केवल इन्हें ही लीगल किया जाएगा। जिसमें नगर निगम वाले इलाकों की 2328 में से 1954 व पालिका-परिषद के दायरे में आने वाली 3688 में से 3866 का चयन किया गया है। महकमे के अधिकारियों के मुताबिक इनकी अंतिम सूची का प्रकाशन 15 फरवरी को किया जाएगा। वहीं आगामी मार्च माह में ले-आउट मसौदे पर पर दावे व आपत्ति बुलाई जाएंगी। इसके बाद एक मई से भवन निर्माण की मंजूरी मिलना शुरू हो जाएगी।जानें कहां कितनी काॅलोनियां वैध होंगी
एमपी के ग्वालियर नगर निगम में 429 काॅलोनियां वैध होंगी। वहीं राजधानी भोपाल में 321, मुरैना 30, इंदौर 196, कटनी 91, सतना 138, छिंदवाड़ा 92 व रीवा में 18 वैध होंगी। इसी प्रकार सिंगरौली 17, उज्जैन 34, रतलाम 57, देवास 114, सागर 68 व जबलपुर में 224 काॅलोनी वैध की जाएंगी।
