Bhopal Intern Doctors Protest: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्टाइपेंड में बढ़ोतरी समेत अपनी मांगों को लेकर इंटर्न डॉक्टरों का आंदोलन तेज हो गया है। अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को बड़ी संख्या में इंटर्न डॉक्टरों ने सड़कों पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का साफ कहना है कि जब तक सरकार की तरफ से उन्हें लिखित में आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।
भोपाल में MBBS-BDS इंटर्न डॉक्टरों का प्रदर्शन (सांकेतकि फोटो)
"लिखित आश्वासन मिलने तक जारी रहेगा प्रदर्शन"
प्रदर्शन कर रहे एमबीबीएस और बीडीएस (MBBS and BDS) के इंटर्न डॉक्टरों कहा कि कई दिनों से सरकार के साथ बातचीत चल रही है, लेकिन अभी तक उन्हें किसी ठोस फैसले की जानकारी नहीं दी गई है। एक प्रदर्शनकारी ने मीडिया से बातचीत में कहा, "जब तक हमें लिखित में यह नहीं मिलता कि हमारा स्टाइपेंड बढ़ाया जाएगा, हम अपना प्रदर्शन जारी रखेंगे। हमें अभी तक किसी निष्कर्ष की कोई जानकारी नहीं मिली है।"
सरकार और डॉक्टरों के बीच बातचीत जारी
इस प्रदर्शन के बीच भोपाल के कलेक्टर प्रियंका मिश्रा ने कहा कि राज्य के उपमुख्यमंत्री छात्रों से बातचीत करने के लिए गए हैं। उन्होंने छात्रों से रातभर बाहर न बैठने की अपील करते हुए कहा कि सरकार आपकी अपनी है, अपनी मांगे और समस्याएं सामने रखें। सरकार छात्रों की बात सुनने के बाद जो भी फैसला लेगी, उसका सभी सम्मान करेंगे। मेडिकल एसोसिएशन के सह-प्रमुख राकेश मालवीय ने बताया कि मध्य प्रदेश सरकार के साथ बातचीत चल रही है और इसकी जानकारी प्रदर्शनकारी छात्रों को दी जा रही है। मामले को अंतिम रूप देने से पहले छात्रों के साथ एक और दौर की चर्चा की जाएगी।
कांग्रेस ने एमपी सरकार पर साधा निशाना
इस पूरे घटनाक्रम पर कांग्रेस ने राज्य सरकार को घेरा है। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "मुझे समझ नहीं आता कि कि इन युवाओं के साथ इस तरह का अन्याय क्यों किया जा रहा है? सालों की कड़ी मेहनत के बाद एमबीबीएस पूरा करने वाले इन युवा डॉक्टरों को उनका हक देने में परेशानी क्यों हो रही है? इन बुनियादी मुद्दों पर कलेक्टर क्या कर सकते हैं? कलेक्टर के पास यहां कोई वास्तविक अधिकार नहीं है, मामला सरकार के हाथ में है। ये डॉक्टर मोहन यादव के आवास के ठीक बाहर बैठे हैं।"
इंटर्न डॉक्टर पिछले कई दिनों से स्टाइपेंड बढ़ाने समेत अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। फिलहाल डॉक्टर लिखित आश्वासन मिलने तक प्रदर्शन जारी रखने पर अड़े हुए हैं।
