Bhavnagar Medical College Ragging Case: गुजरात के भावनगर मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं। आरोप है कि ऑर्थोपेडिक्स विभाग के दूसरे वर्ष के छह छात्रों ने प्रथम वर्ष के 13 छात्रों के साथ रैगिंग की और उन्हें शारीरिक तथा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, वरिष्ठ छात्रों द्वारा जूनियर छात्रों से उठक-बैठक करवाई जाती थी, उन्हें अपमानजनक भाषा का सामना करना पड़ता था और कथित तौर पर शारीरिक व मानसिक उत्पीड़न भी किया जाता था। मामले की जानकारी सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग हरकत में आ गया है।
भावनगर मेडिकल कॉलेज में रैगिंग का मामला सामने आया (प्रतीकात्मक फोटो)
पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच
मंत्री प्रफुल्ल पंशेरिया ने बताया कि मामले की जांच के लिए तत्काल कॉलेज के डीन की अध्यक्षता में एक समिति गठित की गई है। समिति पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच करेगी और रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि हाल ही में अहमदाबाद की एक मेडिकल कॉलेज में भी इसी प्रकार का रैगिंग का मामला सामने आया था, जहां दूसरे वर्ष के तीन छात्रों पर प्रथम वर्ष के एक छात्र के उत्पीड़न का आरोप लगा था। उस मामले की जांच के लिए गठित समिति की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित छात्रों के खिलाफ आज ही कार्रवाई की गई है।
छात्रों को रैगिंग जैसी चीजों से दूर रहना चाहिए
मंत्री ने मेडिकल छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें अपनी पढ़ाई और पेशेवर प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभिभावक अपने बच्चों को डॉक्टर बनाने के लिए मेहनत और संसाधन लगाते हैं, इसलिए छात्रों को रैगिंग जैसी गतिविधियों से दूर रहना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि राज्य की किसी भी मेडिकल कॉलेज में अगर रैगिंग की घटना सामने आती है तो संबंधित छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बिना डर के करें शिकायत
साथ ही उन्होंने छात्रों से अपील की कि अगर किसी भी प्रकार का उत्पीड़न या रैगिंग होती है तो वे बिना डर के इसकी शिकायत करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कॉलेज प्रशासन और सरकार पीड़ित छात्रों को पूरा सहयोग प्रदान करेगी। फिलहाल, भावनगर मेडिकल कॉलेज में सामने आए मामले की जांच जारी है और समिति की रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
