Bengaluru News: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के सुबेदार पाल्या इलाके में मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए फर्जी हस्ताक्षर वाले 136 फॉर्म-7 जमा करने के आरोप में एक बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि कांग्रेस नेता अनूप अयंगर की शिकायत पर बीएलए-2 दीपक सिंह के खिलाफ 5 अक्टूबर को मामला दर्ज किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दीपक सिंह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़ा हुआ है। एफआईआर में हालांकि, सिंह के किसी राजनीतिक दल से जुड़े होने का जिक्र नहीं है। अयंगर ने 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनाव में विधानसभा क्षेत्र संख्या-157, मल्लेश्वरम से चुनाव लड़ा था।
बेंगलुरु में 136 फॉर्म-7 पर उठे सवाल (प्रतीकात्मक फोटो)
फॉर्म-7 में गलत जानकारी दी
एफआईआर के अनुसार, अपने विधानसभा क्षेत्र के वार्ड संख्या-45 में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के दौरान अयंगर को पता चला कि बीएलए-2 सिंह ने कथित तौर पर फॉर्म-7 में गलत जानकारी दी थी और कहा था कि निर्वाचन क्षेत्र में रहने वाले मतदाता या तो अनुपस्थित हैं या स्थायी रूप से अपने निवास स्थान से कहीं और चले गए हैं। एफआईआर में कहा गया है, "यह पाया गया कि सुबेदार पाल्या, वार्ड संख्या 45 के मतदान केंद्र संख्या 68 से संबंधित 136 फॉर्म-7 मतदाता सूची से मतदाताओं के नाम हटाने के अनुरोध के साथ जमा किए गए थे। इन फॉर्म में मतदाताओं के अनुपस्थित होने का आधार बताया गया था। आरोप है कि ये फॉर्म सुबेदार पाल्या वार्ड के बीएलए-2 सिंह ने जमा किए थे।"
मौजूदा हस्ताक्षरों और मूल आवेदकों के हस्ताक्षरों के बीच अंतर
शिकायतकर्ता ने यह भी दावा किया कि इन आवेदन पत्रों पर मौजूद हस्ताक्षरों और मूल आवेदकों के हस्ताक्षरों के बीच काफी अंतर पाया गया। शिकायत में आगे आरोप लगाया गया कि बीएलए-2 सिंह और उसके सहयोगियों ने वैध मतदाताओं को मतदाता सूची में बने रहने के अधिकार से वंचित करने के इरादे से कथित तौर पर साजिश की। उन्होंने कथित तौर पर मतदाताओं की पहचान करने, फॉर्म-7 इकट्ठा करने या तैयार करने, उन्हें संसाधित करने और बड़ी संख्या में ऐसे आवेदन एक साथ जमा करने की प्रक्रिया अपनाई तथा कथित तौर पर किसी विशेष समुदाय के मतदान केंद्रों को निशाना बनाया।
पूरे मामले की जांच जारी
शिकायतकर्ता ने आगे आरोप लगाया कि बीएलए-2 द्वारा जमा किए गए कई फॉर्म की तुलना करने पर उनमें विसंगतियां पाई गईं और इस बात की संभावना है कि हस्ताक्षर फर्जी थे। एफआईआर में कहा गया है, "आरोपी ने लोक सेवक होते हुए किसी अन्य व्यक्ति को नुकसान पहुंचाने के इरादे से गलत जानकारी दी, फर्जी दस्तावेज तैयार किए और धोखाधड़ी करने के इरादे से साजिश रची।" पुलिस ने बताया कि शिकायत के आधार पर यशवंतपुर पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने कहा कि वह मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
