Bengaluru News: कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के बाहरी इलाके होसकोटे तालुक के मुत्संद्रा गांव में शनिवार को एक बेहद दुखद घटना सामने आई। यहां एक लेबर शेड में असम के चार युवा प्रवासी मजदूर संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है और पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है। शुरुआती जांच में पुलिस को अंदेशा है कि कमरे में वेंटिलेशन न होने और दम घुटने के कारण इन चारों युवाओं की जान गई है।
दम घुटने से मौत की जताई जा रही आशंका (सांकेतिक चित्र: iStock)
मृतकों की पहचान और घटना का विवरण
पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, मृतकों की पहचान 25 वर्षीय जयंत सिंदे, 24 वर्षीय धीरेंद्रनाथ, 25 वर्षीय डी. तायदे और 20 वर्षीय धनंजय के रूप में हुई है। ये चारों मूल रूप से असम के रहने वाले थे और बेंगलुरु के पास एक गोदाम (वेयरहाउस) में मजदूरी करते थे। वे अपने काम करने की जगह के पास ही बने एक अस्थाई लेबर शेड में रह रहे थे। शनिवार सुबह जब काफी देर तक कमरे से कोई हलचल नहीं हुई और उन्होंने किसी बात का जवाब नहीं दिया, तब अन्य लोगों ने पुलिस को इसकी सूचना दी।
दम घुटने से मौत का अंदेशा
सुलिबेले थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शुरुआती मुआयना किया। प्राथमिक जांच से संकेत मिले हैं कि इन मजदूरों ने देर रात शेड के अंदर खाना पकाया था। ठंड या सुरक्षा के चलते उन्होंने सोने से पहले कमरे के सभी दरवाजे और खिड़कियां पूरी तरह बंद कर ली थीं। पुलिस को संदेह है कि खाना पकाने के बाद कमरे में जमा हुई गैस या ऑक्सीजन की कमी के कारण सोते समय ही उनका दम घुट गया और उनकी मौत हो गई। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मौत के सटीक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा।
प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना ने बेंगलुरु और उसके आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में रह रहे हजारों प्रवासी मजदूरों की जीवन स्थितियों और सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। तंग कमरों और वेंटिलेशन की कमी वाले शेड अक्सर इन मजदूरों के लिए काल बन जाते हैं। सुलिबेले पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच जारी है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और उनके परिजनों को सूचित कर दिया गया है।
