Bankipur Bypoll: बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने जा रहा उपचुनाव हर दिन एक नया सियासी मोड़ ले रहा है। मतदान की तारीख नजदीक आते ही राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। ताजा घटनाक्रम में, जनशक्ति जनता दल (Janshaktii Janta Dal) की उम्मीदवार वीणा मानवी का नामांकन पत्र खारिज होने के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव (Tej Pratap Yadav) ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। तेज प्रताप यादव ने बेहद तल्ख लहजे में कहा कि यह पूरी कार्रवाई एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया, "हमारे खिलाफ बड़ी साजिश रची गई है।
वीणा मानवी का नामांकन रद्द होने पर भड़के तेज प्रताप
सरकार ने जानबूझकर एक ऐसी उम्मीदवार का पत्ता साफ कर दिया जो जीत की दहलीज पर खड़ी थीं। लेकिन हम इस तरह डरने वाले नहीं हैं, हमारी पार्टी पूरी ताकत और मजबूत हौसले के साथ इस चुनाव में डटी रहेगी।" इस विवाद के बीच, बांकीपुर का चुनावी रण पहले से ही बेहद हाई-प्रोफाइल बना हुआ है। साल 1995 से इस सीट को भाजपा का सबसे मजबूत और अभेद्य गढ़ माना जाता रहा है। पहले नवीन किशोर सिन्हा और बाद में उनके बेटे व भाजपा नेता नितिन नवीन ने यहां लगातार अपना परचम लहराया है।
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बांकीपुर का जातीय गणित भी काफी पेचीदा
पिछले चुनाव में नितिन नवीन को करीब 98,300 वोट मिले थे, जबकि आरजेडी दूसरे और प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार बेहद कम वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे थे। इस बार भाजपा ने स्थानीय पकड़ रखने वाले नीरज कुमार सिन्हा को टिकट देकर अपनी साख दांव पर लगाई है। बांकीपुर का जातीय गणित भी काफी पेचीदा है। यहां लगभग 14 से 15 फीसदी कायस्थ मतदाता और अन्य सवर्ण जातियां पारंपरिक तौर पर भाजपा की रीढ़ मानी जाती हैं।
30 जुलाई को मतदान, 3 अगस्त को परिणाम
जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) खुद ब्राह्मण चेहरा होने के नाते इस सवर्ण वोट बैंक में सेंध लगाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं। वहीं, विपक्षी महागठबंधन में भी दरार साफ नजर आ रही है। कांग्रेस जहां परोक्ष रूप से पीके की पार्टी को समर्थन देने की इच्छुक थी, वहीं आरजेडी ने रेखा गुप्ता को अपना उम्मीदवार बनाकर इस लड़ाई को त्रिकोणीय संघर्ष में बदल दिया है। अब देखना होगा कि 30 जुलाई को होने वाले मतदान और 3 अगस्त को आने वाले नतीजों में बांकीपुर की जनता किस पर अपना भरोसा जताती है।
