बिहार की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को होने वाले उपचुनाव से ठीक पहले पटना का सियासी पारा आसमान पर पहुंच गया है। जनशक्ति जनता दल (JJD) प्रमुख तेज प्रताप यादव द्वारा जन सुराज पार्टी को समर्थन देने और उसके बाद शनिवार देर रात उनकी गिरफ्तारी को लेकर जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर सीधा हमला बोला है। रविवार को पटना में पत्रकारों से बात करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा कि तेज प्रताप यादव की गिरफ्तारी से साफ जाहिर होता है कि सत्ता में बैठे लोग जन सुराज को मिल रहे जनसमर्थन से पूरी तरह डर चुके हैं।
पटना में प्रशांत किशोर ने की कई मुद्दों पर बात
"रात 1:30 बजे बेउर जेल भेजा गया, पुलिस स्पष्टीकरण दे"
प्रशांत किशोर ने तेज प्रताप यादव पर हुई पुलिस कार्रवाई के समय और तरीके पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा:
"कल तेज प्रताप ने जन सुराज को अपना समर्थन देने की घोषणा की थी, और कल रात 1:30 बजे उन्हें गिरफ्तार कर सीधे बेउर जेल भेज दिया गया। यह दिखाता है कि लोग कितने डरे हुए हैं। उन्हें किस धारा के तहत गिरफ्तार किया गया? पुलिस प्रशासन को इसका तुरंत स्पष्टीकरण देना चाहिए। हम उन सभी के साथ खड़े हैं जो इस सरकार के अलोकतांत्रिक व्यवहार और तानाशाही को चुनौती देना चाहते हैं।"
सोनम वांगचुक और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर दिया बयान
शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के प्रदर्शन पर बात करते हुए पीके ने कहा कि सोनम वांगचुक उनके मित्र, प्रख्यात शिक्षाविद और पर्यावरणविद हैं। उन्होंने कहा कि यह किसी राजनीतिक दल का मामला नहीं है, जब जनता खड़ी होती है तो सत्ताधीशों को झुकना ही पड़ता है। पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर तंज कसते हुए प्रशांत किशोर ने कहा "यह जवाबदेही की शुरुआत है। जनता के दबाव में आकर ही यह कदम उठाना पड़ा है। देश में भले ही विपक्षी दल कमजोर हों, लेकिन जनता का विरोध कमजोर नहीं है। दिल्ली में प्रदर्शन करने वाले कोई किसी खास झंडे वाले लोग नहीं थे, बल्कि वे आम युवा थे जो पेपर लीक, बेरोजगारी और खस्ताहाल शिक्षा व्यवस्था से त्रस्त थे। यह तो बस शुरुआत है, यह रुकने वाला नहीं है।"
