चित्रकूट 'चाइल्ड पोर्नोग्राफी' कांड: सिंचाई विभाग के सस्पेंडेड JE और पत्नी को फांसी, इंटरपोल ने खोला था राज

बांदा की पॉक्सो अदालत ने 50 बच्चों का यौन शोषण करने और उनके वीडियो डार्क वेब पर बेचने वाले JE रामभवन और उसकी पत्नी को फांसी की सजा सुनाई है। आइए जानते हैं इस ऐतिहासिक फैसले की कहानी।

उत्तर प्रदेश के बांदा स्थित विशेष पॉक्सो (POCSO) अदालत ने शुक्रवार को एक ऐसा ऐतिहासिक फैसला सुनाया जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। चित्रकूट में सिंचाई विभाग के पूर्व जूनियर इंजीनियर (JE) रामभवन और उसकी पत्नी दुर्गावती को 50 से अधिक मासूम बच्चों के यौन शोषण और उनकी अश्लील सामग्री 'डार्क वेब' पर बेचने के जुर्म में फांसी की सजा सुनाई गई है। अदालत ने इस मामले को 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' मामला माना है, क्योंकि दोषियों ने न केवल मासूमियत को कुचला, बल्कि उसे व्यापार का जरिया भी बनाया।

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50 बच्चों से दरिंदगी करने वाले हैवान JE और उसकी पत्नी को फांसी की सजा

मासूमों की जिंदगी से खिलवाड़ और अंतरराष्ट्रीय व्यापार

यह मामला साल 2020 में तब सुर्खियों में आया था जब सीबीआई (CBI) ने इंटरपोल से मिली सूचना के आधार पर रामभवन को गिरफ्तार किया था। जांच में जो सच सामने आया, वह रोंगटे खड़े कर देने वाला था। रामभवन पिछले 10 सालों (2010-2020) से बांदा और चित्रकूट के गरीब और मासूम बच्चों को पैसे, खिलौनों और वीडियो गेम का लालच देकर अपना शिकार बना रहा था। वह बच्चों के साथ कुकर्म करता और उसकी पत्नी दुर्गावती इस घिनौने कृत्य में उसका साथ देती और वीडियो रिकॉर्ड करती थी। उन वीडियो और तस्वीरों को 'डार्क वेब' के जरिए अंतरराष्ट्रीय पॉर्न इंडस्ट्री को ऊंचे दामों पर बेचा जाता था।

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