सुपौल: बिहार में इन दिनों पुल गिरने का सिलसिला लगातार जारी है। पिछले 23 दिनों के अंदर 14 वां पुल ध्वस्त होते ही जेडीयू सरकार का भ्रष्टाचार सबके सामने है। इस बार सुपौल के मरौना प्रखंड क्षेत्र स्थित मरौना उतर पंचायत के कुशमोहल जाने वाली मुख्य सड़क पर बना पुल बालान नदी के जलस्तर में वृद्धि होते ही भर भराकर ढह गया। गुरुवार रात ध्वस्त हुए पुल से मरौना उतर पंचायत के कुशमॉल गांव के बड़ी टोला एवं छोटी टोला का संपर्क टूट गया है। लोगों को छोटी दूरी तय करने के लिए दूर तक सफर करना पड़ रहा है।
प्रतिकात्मक
विधायक निधि से बना था पुल
स्थानीय वर्तमान सरपंच राम कृष्ण मुखिया ने का कहना है कि कुशमॉल गांव के वार्ड-05 में विधायक अनिरुद्ध कुमार के कोष से निर्मित बालान नदी की पुल बीती रात ध्वस्त हो गया। पुल के ध्वस्त होने से भलुआही बाजार जाने वाले और स्कूली बच्चों को स्कूल जाने के लिए पांच किलोमीटर से अधिक दूरी तय करनी पड़ेगी। ग्रामीणों ने कहा की पुलिया निर्माण में ठेकेदार की ओर से घोर अनियमितता बरती गई थी, जिसके परिणामस्वरूप पुल ध्वस्त हो गया। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिया के ध्वस्त हो जाने से कुशमॉल सुरक्षा बांध पर भी दबाब पड़ सकता है।
23 दिनों में 14वां पुल ढहा
राज्य में पिछले 25 दिनों में इस तरह की यह 14वीं घटना है। इससे पहली 13वीं घटना सहरसा जिले के महिषी गांव में घटी थी पिछले कुछ हफ्तों के दौरान कई जिलों में एक दर्जन से अधिक पुलों और पुलियों के ढहने पर राज्य सरकार ने 15 इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पिछले हफ्ते संबंधित विभागों की समीक्षा बैठक के बाद संबंधित अधिकारियों को राज्य के सभी पुराने पुलों का सर्वेक्षण करने और उन पुलों की पहचान करने का स्पष्ट निर्देश दिया था, जिनकी तत्काल मरम्मत की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने संबंधित विभागों को राज्य में पुलों या पुलियों के लिए अपनी-अपनी रखरखाव नीति तुरंत तैयार करने को भी कहा था।
