Assam Flood: असम में भारी बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन ने गंभीर हालात पैदा कर दिए हैं, जिससे अब तक कई लोगों की जान जा चुकी है और लाखों प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने चेतावनी दी है कि स्थिति और बिगड़ सकती है, खासकर निचले इलाकों में। राहत और बचाव कार्यों में सरकारी एजेंसियां लगातार जुटी हुई हैं, लेकिन बारिश के चलते परिवहन सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।
बाढ़ के बाद असम का दृश्य
मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने चेतावनी दी है कि हालात और खराब हो सकते हैं, खासकर नदी तटवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए। इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री से बात कर स्थिति का जायजा लिया और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया। विभिन्न सरकारी एजेंसियां बचाव और राहत कार्यों में जुटी हुई हैं। लगातार बारिश के कारण सड़क परिवहन, रेल यातायात और नौका सेवाएं प्रभावित हुई हैं। गुवाहाटी में भूस्खलन से पांच लोगों की मौत हुई, जिनके परिजनों को राज्य सरकार ने चार-चार लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है।
असम के घुनासुती क्षेत्र में बाढ़ जैसी स्थिति
24 घंटों में दो और मौतें
असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) के अनुसार, कछार और श्रीभूमि जिलों में पिछले 24 घंटों में दो और मौतें हुई हैं। 19 जिलों के 764 गांवों के 3.64 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं, जिनमें सबसे अधिक संख्या कछार (1,03,790), श्रीभूमि (83,621) और नागांव (62,700) में है। कछार जिले में सभी शैक्षणिक संस्थान मंगलवार तक बंद रहेंगे।
भारतीय सेना और असम राइफल्स द्वारा बचाव कार्य जारी
अब तक 3,524.38 हेक्टेयर कृषि भूमि जलमग्न हो चुकी है और 696 जानवर बह गए हैं। राहत और बचाव कार्यों के लिए 52 राहत शिविरों में 10,272 लोग शरण लिए हुए हैं, जबकि 103 राहत वितरण केंद्र बनाए गए हैं। भारतीय वायु सेना (IAF) के हेलीकॉप्टर और नौकाओं सहित विभिन्न साधनों का उपयोग करके लोगों की मदद की जा रही है।
