दिल्ली : केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा में हुई अनियमितताओं के बाद उपजे राष्ट्रव्यापी विरोध के बीच अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इसे युवाओं के संघर्ष की बड़ी जीत बताया है। केजरीवाल ने कहा, "यह युवाओं के संघर्ष का फल है। धर्मेंद्र प्रधान को अंततः इस्तीफा देना पड़ा। यह हमारे लोकतंत्र की एक बड़ी जीत है, क्योंकि इससे उन लोगों का भरोसा फिर बहाल होगा जो यह मानने लगे थे कि सरकारें अब जनता की आवाज नहीं सुनतीं।
अरविंद केजरीवाल ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे को बताया लोकतंत्र की जीत
केजरीवाल का रुख
अरविंद केजरीवाल ने अपने ट्वीट में इसे सरकार की मजबूरी और जनशक्ति की ताकत बताया। उन्होंने कहा कि लोग लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार से गुहार लगा रहे थे, लेकिन जब तक आंदोलन का दबाव नहीं बना, सरकार ने सुध नहीं ली। केजरीवाल के अनुसार, यह घटना यह साबित करती है कि लोकतंत्र में जनता की आवाज ही सबसे बड़ी शक्ति है। अब जबकि शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा दे दिया है, शिक्षा मंत्रालय के भविष्य के फैसलों और नीट परीक्षा प्रणाली में प्रस्तावित बड़े बदलावों पर देश भर के छात्रों और अभिभावकों की नजरें टिकी हुई हैं।
छात्रों के आंदोलन का असर
पिछले 20 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेतृत्व में छात्र नीट पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। छात्रों की मुख्य मांग शिक्षा मंत्री का इस्तीफा थी, जिसे कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का भी पुरजोर समर्थन मिल रहा था। भारी दबाव और बढ़ते राजनीतिक घटनाक्रम के बाद शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान ने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया।
इस्तीफे के पीछे क्या बोले धर्मेंद्र प्रधान?
अपने त्यागपत्र में धर्मेंद्र प्रधान ने भावुकता व्यक्त करते हुए कहा कि उनके लिए यह प्रतिष्ठा का नहीं, बल्कि छात्रों के भविष्य का सवाल है। उन्होंने लिखा:
"पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुःखी है। जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ न उठाएं, देश की एकता बनी रहे और भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में न उलझे, इसलिए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है।"
प्रधान ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने नीट मामले में पहली ही तारीख से जिम्मेदारी ली है और वे किसी भी मेधावी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। उन्होंने बताया कि सरकार ने सीबीआई जांच और परीक्षा रद्द करने जैसे कड़े फैसले लिए हैं और अगले साल से परीक्षा को कंप्यूटर-आधारित (CBT) मोड में आयोजित करने की तैयारी है।
