Arvind Kejriwal: E-20 पेट्रोल के खिलाफ प्रधानमंत्री आवास की तरफ बढ़ रहे आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक एवं अन्य नेताओं को पुलिस ने आगे बढ़ने से रोक दिया है। इसके बाद केजरीवाल और AAP के नेता सड़क पर धरने पर बैठ गए। केजरीवाल का यह मार्च एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल E-20 के खिलाफ हो रहा है। केजरीवाल E-20 के इस्तेमाल पर हस्ताक्षरित कॉपिया प्रधानमंत्री कौ सौपेंगे। AAP के संयोजक E20 से परेशान करोड़ों लोगों की 2 लाख 33 हजार से ज्यादा हस्ताक्षरित कॉपी लेकर मार्च कर रहे हैं। केजरीवाल चाहते हैं कि पीएम मोदी इस मुद्दे पर उनसे मुलाकात करें।
दिल्ली पुलिस ने रोका तो धरने पर बैठे केजरीवाल।
ट्रंप के दबाव में पीएम को नहीं आना चाहिए-केजरीवाल
मार्च पर निकले केजरीवाल ने मीडिया से बातचीत में कहा कि 'मैं चाहता हूं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में न आएं। उन्हें अमेरिका से एथेनॉल खरीदना बंद करना चाहिए और हमारे देश पर ई-20 (E20) लागू करने का फैसला भी वापस लेना चाहिए। मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री हमें मिलने के लिए बुलाएंगे। हमने उन्हें संदेश भेजकर मुलाकात का समय मांगा है। हमारी यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।'
पीएम हमसे मिलने से क्यों बच रहे-ढांडा
मार्च में शामिल आप नेता अनुराग ढांडा ने कहा, 'लोग बेहद परेशान हैं और मुश्किल में हैं। देश में करीब 30 करोड़ वाहन प्रभावित होने की कगार पर हैं, लेकिन प्रधानमंत्री किसी की बात नहीं सुन रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव में ही एथेनॉल लागू किया जा रहा है। वहां का बचा हुआ (वेस्ट) एथेनॉल भारत में खपाया जा रहा है, जो मुझे सही नहीं लगता। जनता की आवाज सुनी जानी चाहिए। प्रधानमंत्री आखिर हमसे मिलने से क्यों बच रहे हैं? पहले उन्होंने कहा था कि वह युवाओं से भी नहीं मिलेंगे, लेकिन बाद में उन्हें मिलना पड़ा।'
पीएम से मिलने जा रहे साधारण लोग-भारद्वाज
ई-20 मुद्दे पर पीएम आवास की ओर मार्च के दौरान आप के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा, 'देशभर के लाखों लोगों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर बताया है कि इस मिलावटी पेट्रोल (ई-20) से वाहनों को नुकसान हो रहा है और उनका औसत माइलेज भी घट रहा है। हमने प्रधानमंत्री से मिलने के लिए समय मांगा था, लेकिन हमें समय नहीं मिला। इसलिए अब अरविंद केजरीवाल के साथ केवल 100 लोग प्रधानमंत्री से मिलने जा रहे हैं। हमें उम्मीद है कि प्रधानमंत्री हमसे मुलाकात करेंगे और हम उन्हें अपना ज्ञापन सौंपेंगे।' उन्होंने आगे कहा, 'साधारण लोग अपने प्रधानमंत्री से मिलने जा रहे हैं। इसके लिए प्रधानमंत्री को किसी विशेष सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता नहीं है।'
