Ankita Bhandari 4th Death Anniversary: उत्तराखंड के चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को चार साल पूरे होने पर राज्य की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। एक तरफ जहां मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने ऋषिकेश के चीला बैराज के पास बड़ा प्रदर्शन करते हुए 'न्याय मार्च' निकाला, वहीं दूसरी ओर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच जारी है और सीबीआई की कार्रवाई से जल्द ही सब कुछ साफ हो जाएगा।
अंकिता हत्याकांड पर बोले CM पुष्कर सिंह धामी (फाइल फोटो)
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए इस घटना को बेहद दुखद बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने पहले दिन से ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए थे, जिसके नतीजे में मुख्य आरोपी पुलकित आर्य और उसके दो साथियों को अदालत से आजीवन कारावास की सजा मिली। उन्होंने कहा कि अंकिता के माता-पिता की मांग को ध्यान में रखते हुए ही राज्य सरकार ने सीबीआई जांच की सिफारिश की थी, जो अभी जारी है।
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कांग्रेस ने निकाला न्याय मार्च
दूसरी तरफ, उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने चीला बैराज से लेकर वनंत्रा रिसॉर्ट तक न्याय मार्च निकाला। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि हत्याकांड से जुड़े कथित 'वीआईपी' का नाम उजागर करने के लिए जनदबाव में सीबीआई जांच के आदेश तो दिए गए थे, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी उस जांच की प्रगति का कोई अता-पता नहीं है। गोदियाल ने कहा कि अगर मौजूदा सरकार 'वीआईपी' के चेहरे से नकाब नहीं हटाती है, तो कांग्रेस की सरकार बनने पर सभी दोषियों को चिह्नित कर सजा दी जाएगी।
साल 2022 में हुई थी हत्या
गौरतलब है कि 19 वर्षीय अंकिता भंडारी वनंत्रा रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थी। 18 सितंबर 2022 को रिसॉर्ट मालिक ने अपने कर्मचारियों के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी थी और शव को नहर में फेंक दिया था। इस न्याय मार्च में कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए और उन्होंने अंकिता को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए मामले के सभी पहलुओं के जल्द खुलासे की मांग की।
