Aligarh News: अलीगढ़ से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है। जहां अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) के एक क्लर्क ने गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के नाम पर करोड़ों रुपये की फिरौती वसूलने की साजिश रच डाली। आरोप है कि कर्मचारी ने डॉक्टरों, प्रोफेसरों और अन्य प्रतिष्ठित लोगों को धमकी भरे पत्र भेजकर उनसे क्रिप्टोकरेंसी में करीब 2 करोड़ रुपये की मांग की थी। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया।
सांकेतिक फोटो
करोड़ों की उगाही की साजिश का कैसे हुआ खुलासा
पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान 45 वर्षीय हशमत हुसैन के रूप में हुई है, जो AMU में लोअर डिवीजन क्लर्क (LDC) के पद पर कार्यरत है। यह मामला तब सामने आया जब 6 जून को अलीगढ़ के एक डॉक्टर और एक ज्वेलर ने SSP को शिकायत दर्ज कराई कि उन्हें डाक के जरिए धमकी भरे पत्र मिले हैं। जिसमें लॉरेंस बिश्नोई का नाम इस्तेमाल करते हुए उनसे 50 हजार अमेरिकी डॉलर मांगे गए हैं। पत्र में यह भी धमकी दी गई थी कि रकम न देने पर गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे।
डॉक्टर और ज्वेलर समेत 8 लोगों को मिले धमकी भरे पत्र
मामले की गंभीरता को देखते हुए को पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि इस तरह के पत्र अलीगढ़ के कुल 8 लोगों को भी भेजे गए थे। जिनमें प्रोफेसर, डॉक्टर, AMU के पूर्व छात्र और ओल्ड बॉयज एसोसिएशन के सदस्य शामिल थे। ये सभी लोग किसी न किसी तरह से AMU से जुड़े हुए थे। पुलिस ने डाक विभाग की मदद से जांच शुरू की। जिससे पुलिस को पता चला कि ये पत्र 3 जून को दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित जनरल पोस्ट ऑफिस (GPO) से भेजे गए थे। इसके बाद पुलिस टीम ने दिल्ली जाकर सीसीटीवी फुटेज, होटल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी सबूतों की जांच की।
पुलिस ने सीसीटीवी वीडियो और तकनीकी निगरानी के आधार पर आरोपी की पहचान हसमत हुसैन के तौर पर की। जिसके बाद उसे सिविल लाइंस से गिरफ्तार कर लिया गया। उसके पास से पत्र भेजते समय पहनी गई टी-शर्ट, स्लिंग बैग और एक फर्जी आधार कार्ड भी बरामद हुआ। आरोपी से पूछताछ में पता चला कि वह बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोकरेंसी में ट्रेडिंग करता था। पुलिस को उसके मोबाइल फोन में भी क्रिप्टो ट्रेडिंग से जुड़े सबूत मिले हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने अपनी पहचान छिपाने के लिए फर्जी आधार कार्ड का इस्तेमाल किया था। फिलहाल पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
