अंबाला : पंजोखरा साहिब विवाद मामले में आज सुबह से ही स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी रही। गुरसिमरन सिंह मंड के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग को लेकर भारी संख्या में सिख संगत हाईवे पर उतर आई और सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। हालांकि, प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल है।
पंजोखरा साहिब विवाद में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प
सुबह से शुरू हुआ प्रदर्शन और जाम
सिख संगत की मांग थी कि पंजोखरा साहिब विवाद मामले में गुरसिमरन सिंह मंड के खिलाफ मामला दर्ज किया जाए। कई दिन बीत जाने के बाद भी कार्रवाई न होने पर एक बैठक बुलाई गई, जिसमें पंजाब से भी संगत पहुंची और नेशनल हाईवे जाम करने का ऐलान किया गया। जब संगत गुरुद्वारा साहिब से हाईवे की तरफ बढ़ी, तो पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर दी और आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बावजूद प्रदर्शनकारी आगे निकले और हाईवे जाम कर दिया। बढ़ते दबाव के बीच शाम तक पुलिस ने मंड के खिलाफ FIR दर्ज कर ली, जिससे प्रदर्शन समाप्त होने की उम्मीद जगी थी।
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युवाओं की रिहाई को लेकर अड़े प्रदर्शनकारी
FIR दर्ज होने के बाद सिख संगत ने एक नई मांग रख दी। उनका कहना था कि पुलिस द्वारा हिरासत में लिए गए सिख युवाओं को तुरंत रिहा किया जाए। इस मांग को लेकर पुलिस और सिख प्रतिनिधियों के बीच कई दौर की बातचीत हुई, लेकिन हर बार वार्ता बेनतीजा रही।
आंसू गैस, लाठीचार्ज और तनाव
जैसे-जैसे रात हुई, हाईवे पर पुलिस बल की मौजूदगी और बढ़ गई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रास्ता खाली करने के आदेश दिए, लेकिन जब बात नहीं बनी तो स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे और लाठीचार्ज किया। इस कार्रवाई के बाद हाईवे पर मौजूद संगत को हटाकर जाम खुलवा दिया गया।
इस पूरी झड़प और कार्रवाई के दौरान कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी खबर है। फिलहाल मौके पर स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन पंजोखरा साहिब विवाद को लेकर तनाव अभी पूरी तरह थमा नहीं है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि हिरासत में लिए गए युवाओं को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं और प्रशासन की अगली कार्रवाई क्या होगी।
