पटना: बिहार के कई शहरों में वायु गुणवत्ता (AQI) बहुत खराब स्थिति में दर्ज किया गया है। लिहाजा, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने रविवार को जिला प्रशासन को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रदूषण रोकने के लिए कानूनों को सख्ती से लागू करने का निर्देश दिया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के दैनिक वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बुलेटिन (11 नवंबर शाम चार बजे) के अनुसार देश के 243 शहरों में बिहार में 382 एक्यूआई के साथ बेगुसराय शीर्ष पर रहा। इसके बाद सारण में एक्यूआई 376 और पटना में 375 रहा।
बिहार के शहर बने गैस चैंबर
बिहार के अन्य जिले जहां एक्यूआई बहुत खराब श्रेणी में रहा। उनमें हाजीपुर (356), पूर्णिया (350), कटिहार (350), मोतिहारी (341) भागलपुर (340), राजगीर (329) और आरा (323) शामिल हैं। एक्यूआई 300 से अधिक होने पर वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ मानी जाती है।
सख्ती से लागू करें कानून
सीपीसीबी का कहना है कि वायु गुणवत्ता लंबे समय तक ‘बहुत खराब’ रहने पर सांस संबंधी बीमारियां हो सकती हैं। राज्य में बिगड़ती वायु गुणवत्ता पर टिप्पणी करते हुए बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (बीएसपीसीबी) के अध्यक्ष देवेन्द्र कुमार शुक्ला ने रविवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, कि यह सच है कि राज्य के कई जिलों में वायु गुणवत्ता खराब हो गई है। यह जलवायु परिस्थितियों के कारण भी है। चूंकि, राज्य के एक बड़े हिस्से में पिछले दो-तीन दिन में बारिश नहीं हुई है। इसके बावजूद, हमने संबंधित जिला प्रशासन को अपने-अपने क्षेत्रों में वायु प्रदूषण रोकने के लिए कानूनों को सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं।उन्होंने कहा कि सभी संबंधित जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में अधिक वायु प्रदूषण वाले इलाकों की पहचान करने के लिए भी कहा गया है। हाल ही में हुई एक बैठक में मुख्य सचिव ने सभी संबंधित पक्षों को अधिक वायु प्रदूषण वाले इलाकों की पहचान के लिए विशेष दस्तों के गठन का निर्देश दिया था।
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