फ्लैट से आ रही बदबू ने खोला नकली नोटों के साम्राज्य का राज; अहमदाबाद में ₹28.94 लाख की फर्जी करेंसी बरामद

अहमदाबाद के वटवा इलाके में एक फ्लैट से उठी बदबू ने पुलिस को एक ऐसे रहस्य तक पहुंचा दिया, जिसकी शुरुआत हत्या के मामले से हुई थी। जांच के दौरान पुलिस को मौके से नकली नोट छापने से जुड़े उपकरण और बड़ी मात्रा में फर्जी मुद्रा बरामद हुई, जिससे पूरा मामला संगठित अपराध में बदल गया।

Ahmedabad News: अहमदाबाद के वटवा इलाके में एक फ्लैट से आ रही बदबू ने पुलिस को ऐसे रहस्य तक पहुंचा दिया, जिसने हत्या के एक मामले को देश की अर्थव्यवस्था के खिलाफ रची जा रही बड़ी साजिश में बदल दिया। एक शव की बरामदगी से शुरू हुई जांच ने नकली नोट छापने वाले गिरोह का पर्दाफाश कर दिया, जिसमें पुलिस ने ₹28.94 लाख की फर्जी भारतीय मुद्रा जब्त की है। वटवा गांवड़ी रोड स्थित सतेज होम्स के एक फ्लैट से दुर्गंध आने की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश करने पर एक व्यक्ति का शव रस्सी से बंधा मिला। शुरुआती जांच में हत्या की आशंका जताई गई, लेकिन कमरे की तलाशी के दौरान जली हुई ₹100 की नोट, हाई-क्वालिटी प्रिंटर और अन्य तकनीकी उपकरण मिलने से मामला अचानक नया मोड़ ले गया।

Ahmedabad Fake Currency Racket

वटवा में रहस्यमयी मौत से शुरू हुई जांच पहुंची नकली नोट छापने वाले गिरोह तक

  • जांच में क्या सामने आया?

    मृतक की पहचान सूरत के कोसंबा निवासी इमरान सब्बीर सिंधा के रूप में हुई। जांच में सामने आया कि इमरान इस पूरे नेटवर्क का कथित मास्टरमाइंड था और उसने अपने साथियों के साथ मिलकर मार्च 2026 से फ्लैट किराए पर लेकर नकली नोट छापने का अड्डा बना रखा था। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरोह के सदस्यों के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था। पूछताछ में खुलासा हुआ कि इमरान अपने साथियों को नकली नोट बनाने का प्रशिक्षण देता था और उनके साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार भी करता था। इसी तनाव और एक मामूली विवाद के बाद आरोपियों ने इमरान की गला घोंटकर हत्या कर दी।

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