Ahmedabad News: अहमदाबाद पुलिस ने कथित बाल तस्करी के एक नेटवर्क का खुलासा करते हुए एक महीने के बच्चे के अपहरण के मामले में चार लोगों को पकड़ा है। बच्चे को न्यू रानिप इलाके में फुटपाथ पर सो रहे मजदूर परिवार के पास से कथित तौर पर अगवा किया गया था। पुलिस की सघन कार्रवाई के बीच आरोपी बच्चे को न्यू रानिप इलाके में ही छोड़कर फरार हो गए, जिसके बाद बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। पुलिस ने 21 वर्षीय जीनल परमार और उत्तर प्रदेश के भानु उर्फ भुवनेश्वर उर्फ भानु जाटव को गिरफ्तार किया है, जबकि दो नाबालिगों को भी हिरासत में लिया गया है। पुलिस अब एक साल से कम उम्र के बच्चे को हासिल करने के लिए कथित ₹6 लाख की डील और इसके पीछे के नेटवर्क की जांच कर रही है। मामले में साबरमती पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक, जांच में मानव तस्करी और पूर्व नियोजित साजिश के पहलू सामने आने के बाद धारा 61 और 143 भी जोड़ी जा रही हैं।
मामले में चार आरोपी पकड़े गए (प्रतीकात्मक फोटो)
पुलिस कमिश्नर अनुपम सिंह गहलोत ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी युवती जीनल परमार मूल रूप से अहमदाबाद की रहने वाली है। उसने पहले शहर में कई जगहों पर काम किया था। पुलिस के मुताबिक, इस वजह से उसे अंदाजा था कि शहर में किन जगहों पर बच्चों को आसानी से तलाशा जा सकता है। पुलिस के अनुसार, कथित योजना के तहत जीनल ने दो अन्य युवकों को भी अहमदाबाद बुलाया था। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने सबसे पहले सोला सिविल अस्पताल के बाल वार्ड में रेकी की। पुलिस को अस्पताल से जुड़े सीसीटीवी फुटेज भी मिले हैं, जिनमें आरोपियों की गतिविधियां कैद होने की बात कही गई है। अस्पताल में उपयुक्त बच्चा नहीं मिलने के बाद आरोपी कथित तौर पर न्यू रानिप पहुंचे। यहां झील के पास फुटपाथ पर सो रहे एक मजदूर परिवार के एक महीने के बच्चे को कथित तौर पर अगवा कर लिया गया। परिवार को करीब डेढ़ घंटे बाद बच्चे के गायब होने का पता चला।
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक, आरोपियों के पास अपना निजी वाहन नहीं था। कथित तौर पर उनकी योजना बस या ट्रेन के जरिए अहमदाबाद से भागने की थी। बच्चे के अपहरण की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने शहर में सख्त नाकाबंदी कर दी। संदिग्धों और आरोपियों की तस्वीरों के साथ अलग-अलग जगहों पर कड़ी चेकिंग शुरू की गई। पुलिस की लगातार मौजूदगी और पकड़े जाने के डर से आरोपी कथित तौर पर बच्चे को रास्ते में ही छोड़कर फरार हो गए। बाद में पुलिस ने बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया। जीनल परमार को बाद में साबरमती रेलवे स्टेशन के पास से गिरफ्तार किया गया। उत्तर प्रदेश के दो नाबालिगों को भी पुलिस ने हिरासत में लिया, जो कथित तौर पर जीनल की मदद कर रहे थे और शहर से बाहर निकलने की कोशिश में थे।
पुलिस के मुताबिक, नोएडा से पकड़े गए भानु और अन्य आरोपियों से पूछताछ में कथित तौर पर सामने आया कि उन्हें करीब एक महीने के नवजात बच्चे, खासकर लड़के को लाने का लक्ष्य दिया गया था। पुलिस के अनुसार, इस बच्चे को कथित तौर पर एक निःसंतान दंपति को सौंपा जाना था। जांच एजेंसियों को संदेह है कि बहुत छोटे बच्चे की मांग के पीछे यह योजना थी कि दंपति उसे समाज में आसानी से अपना जैविक बच्चा बताकर रख सके। पुलिस ने भानु उर्फ भुवनेश्वर उर्फ भानु जाटव को गिरफ्तार किया है। वह उत्तर प्रदेश के बदायूं का रहने वाला है और नोएडा में रह रहा था। पुलिस अब कथित ₹6 लाख की डील, बच्चे की मांग करने वाले लोगों, बच्चे को सौंपे जाने वाले कथित दंपति और पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। मामले में गिरफ्तार आरोपियों और हिरासत में लिए गए नाबालिगों की भूमिका की भी जांच जारी है। बरामद बच्चा सुरक्षित है और पुलिस पूरे कथित बाल तस्करी नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
