बांके बिहारी मंदिर की जमीन पर उठे सवाल, दस्तावेजों में गोविंद देव के नाम से संपत्ति दर्ज

बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर और ट्रस्ट मामले में बड़ा मोड़ आया है। राजस्व अभिलेखों के अनुसार, मंदिर की भूमि गोविंद देव के नाम से दर्ज है, न कि निजी संपत्ति के रूप में। सरकार के हस्तक्षेप और ट्रस्ट गठन की घोषणा के बाद विषय चर्चाओं में आ गया है।

Banke Bihari Mandir: बांके बिहारी मंदिर कॉरिडोर और ट्रस्ट मामले में नया मोड़ आ गया है। राजस्व अभिलेखों के मुताबिक, बांके बिहारी मंदिर किसी की निजी संपत्ति नहीं है, बल्कि इसका स्थान राजस्व दस्तावेजों में गोविंद देव के नाम से दर्ज है। प्रदेश सरकार द्वारा कॉरिडोर के लिए अधिसूचना जारी करने और ट्रस्ट बनाए जाने की घोषणा के बाद इस मामले में एक और कड़ी जुड़ गई है।

Banke Bihari Temple is not a private property

बांके बिहारी मंदिर निजी संपत्ति नहीं

मंदिर के गोस्वामी दावा कर रहे हैं कि यह उनकी निजी संपत्ति है और सरकार को इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए, जबकि प्रशासनिक अधिकारी उन्हें समझाने का प्रयास कर रहे हैं। इस बीच, प्रशासन द्वारा जारी किए गए दस्तावेजों से स्पष्ट हुआ है कि मंदिर जिस स्थान पर स्थित है, वह भूमि राजस्व अभिलेखों में गोविंद देव के नाम से दर्ज है। उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के सीईओ एसबी सिंह ने भी इसकी पुष्टि की है। जानकारी के अनुसार, मौजा वृंदावन बांगर के राजस्व अभिलेखों में बांके बिहारी मंदिर के नाम से कोई भूमि रजिस्टर नहीं है।

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