Agra News: यूपी के आगरा में बैठकर कुछ लोग अमेरिकी लोगों को ठग रहे थे। फोन पर तरह-तरह का लालच देकर उनसे पैसे वसूला जा रहा था। हद तो ये है कि अमेरिकियों को लूटा जा रहा था और उन्हें पता भी नहीं था।
आगरा में फर्जी कॉल सेंटर पर छापा (प्रतीकात्मक फोटो- Pixabay)
बिटकॉइन के नाम पर ठगी
यूपी पुलिस को जब इस मामले की भनक लगी तो उसने पहले अपना जाल बिछाया और फिर अचानक से छापा मार दिया। यहां धड़ल्ले से अमेरिकियों को चूना लगा रहे सात लोगों को पुलिस ने दबोच लिया। पुलिस ने बताया कि ये लोग बिटकॉइन के नाम पर अमेरिकियों को ठग रहे थे।
कैसे रचते थे खेल
पकड़े गए लोग पहले अमेरिकियों को कॉल करते हैं। यह कॉल इंटरनेट की सहायती से की जाती थी। फिर उन्हें लोन को लेकर झांसा दिया जाता था। अमेरिकियों से ये आरोपी उन्हीं के लहजे में बात करता था, नाम भी अमेरिकन ही बताता था, जिससे अमेरिकियों को लगे कि कॉल करने वाला वहीं का है। जाल में फंसते ही उसे ये लोग ठग लेते और बिटकॉइन के जरिए पैसे ले लेते।
पुलिस ने क्या कहा
न्यूज एजेंसी भाषा के अनुसार सिकंदरा के इंस्पेक्टर आनंद कुमार शाही ने बताया कि पुलिस को सिकंदरा थाना क्षेत्र में एक फर्जी कॉल सेंटर के बारे में गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस शास्त्रीपुरम सेक्टर सी स्थित कॉल सेंटर पर पहुंची और इस दौरान वहां काम कर रहे कॉल सेंटर के मुख्य संचालक एवं छह अन्य लोगों को गिरफ्तार किया।
मास्टरमाइंड कौन
उन्होंने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि कॉल सेंटर के संचालक अनुराग प्रताप ने ही उन्हें इसका प्रशिक्षण दिया था। वे विदेशी नागरिकों की निजी जानकारी जुटाते और उन्हें उन्हीं के देश का नागरिक बताकर भरोसे में लेते तथा बिटकॉइन के जरिए धन का हस्तांतरण कराते थे।
