Agra Metro: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले को मेट्रो ट्रेन की सौगात मिल गई है। अत्याधुनिक यात्री सुविधाओं से लैस पहली मेट्रो ट्रेन को आगरा के फतेहाबाद रोड पीएसी ग्राउंड स्थित ट्रैक पर उतारा गया। यह मेट्रो ट्रेन अत्याधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ ही एडवांस फीचर से लैस है। आगरा की मेट्रो ट्रेन यहां के लोगों के लिए एक सुविधाजनक, सुरक्षित, प्रदूषणमुक्त और किफायती सफर का साधन होगी। यूपीएमआरसी के प्रबंध निदेशक सुशील कुमार के अनुसार, आगरा की मेट्रो ट्रेन निर्धारित समय में यहां पहुंची है। आपको बता दें कि ताजनगरी में 8379.62 करोड़ की लागत से 29.4 किलोमीटर लंबे दो मेट्रो कॉरिडोर का निर्माण हो रहा है।
एडवांस फीचर से लैस होगी आगरा मेट्रो
ताज ईस्ट गेट से सिकंदरा के बीच निर्माणाधीन प्रथम कॉरिडोर में कुल 13 स्टेशन रहेंगे, इसमें छब एलिवेटिड और सात भूमिगत स्टेशन हैं। इसके अलावा आगरा कैंट से कालिंदी विहार के बीच दूसरे कॉरिडोर बनेगा। इसमें 14 एलिवेटिड स्टेशन होंगे।
कार्बन-डाई-ऑक्साइड बेस्ड एयर कंडीशनिंग सिस्टम होगा मेट्रो में
आगरा मेट्रो ट्रेन में कार्बन-डाई-ऑक्साइड बेस्ड एयर कंडीशनिंग सिस्टम रहेगा। इस प्रणाली के मुताबिक, एयर कंडीशनिंग सिस्टम तापमान के साथ ही मेट्रो ट्रेन में मौजूद यात्रियों की तरफ का उत्सर्जित कार्बन डाई ऑक्साइड की मात्रा के मुताबिक चलेगा। मेट्रो का एयर कंडीशनिंग सिस्टम सामान्य तौर पर ट्रेन में निर्धारित तापमान को बनाकर रखेगा, लेकिन मेट्रो में यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी होने पर एयर कंडीशनिंग सिस्टम खुद ही कार्बन डाई ऑक्साइड का आंकलन कर ऑक्सीजन युक्त साफ हवा को ट्रेन के अंदर लाएगा, जिससे यात्रियों को कभी भी असुविधा का सामना नहीं करना होगा।
आगरा मेट्रो में ये होगा विशेष
इन ट्रेनों में ‘रीजेनरेटिव ब्रेकिंग’ का फीचर मौजूद होगा, इसकी मदद से ट्रेनों में लगने वाले ब्रेक्स के जरिए 35 फीसदी तक ऊर्जा को रीजेनरेट करके फिर से सिस्टम में उपयोग कर लिया जाएगा। वायु प्रदूषण को कम करने के लिए इन ट्रेनों में अत्याधुनिक ‘प्रॉपल्सन सिस्टम’ भी लगा होगा। ऑटोमेटिक ट्रेन ऑपरेशन को ध्यान में रखते हुए यह ट्रेनें संचारित आधारित ट्रेन नियंत्रण प्रणाली से संचालित होंगी। आगरा की मेट्रो ट्रेनों की यात्री क्षमता 974 यात्रियों की रहेगी। इन ट्रेनों की डिजाइन स्पीड 90 किलोमीटर/घंटा और ऑपरेशन स्पीड 80 किलोमीटर/घंटा तक रहेगी। ट्रेन के पहले और आखिरी कोच में दिव्यांगजनों की व्हीलचेयर के लिए अलग से स्थान होगा। व्हीलचेयर की जगह के समीप लॉन्ग स्टॉप रिक्वेस्ट बटन भी होगा, इस बटन को दबाकर दिव्यांगजन ट्रेन ऑपरेटर को ज्यादा देर तक दरवाजा खुला रखने के लिए सूचना दे सकते हैं। ताकि वो आराम से मेट्रो से उतर सकें।
आपात स्थिति में हो सकेगी ट्रेन ऑपरेटर से बात
इसके अलावा, ट्रेनों में स्मोक डिटेक्टर्स, फायर एस्टिंग्यूशर (अग्निशमन यंत्र) और सीसीटीवी कैमरे आदि भी लगे हैं। आगरा मेट्रो ट्रेनें थर्ड रेल यानी पटरियों के समानांतर चलने वाली तीसरी रेल से ऊर्जा लेंगी, इसलिए इसमें पोल और तारों के सेटअप की जरूरत नहीं होगी। इससे बुनियादी ढांचा बेहतर और सुंदर दिखाई देगा। इन मेट्रो ट्रेनों को अत्याधुनिक फायर और क्रैश सेफ्टी के मानकों के आधार पर ही डिजाइन किया है। ट्रेन में 24 सीसीटीवी कैमरे लगे होंगे, इनका वीडियो फीड सीधे ट्रेन ऑपरेटर और डिपो में बने सेंट्रल सिक्यॉरिटी रूम में ही पहुंचेगा। हर मेट्रो ट्रेन में 56 यूएसबी चार्जिंग प्वाइंट्स भी रहेंगे। इन्फोटेनमेंट के लिए हर मेट्रो ट्रेन में 36 एलसीडी पैनल्स भी लगाए जाएंगे। इसके अलावा, टॉक बैक बटन को दबाकर यात्री आपात स्थिति में ट्रेन ऑपरेटर से बातचीत भी कर सकते हैं। यात्री की लोकेशन और सीसीटीवी का फुटेज सीधे ट्रेन ऑपरेटर के पास मॉनिटर पर दिखाई देगा।
2024 की शुरुआत में चलने लगेगी आगरा मेट्रो
उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कारपोरेशन का प्रयास है कि अगले साल की शुरुआत में ही आगरा में मेट्रो सेवा शुरू हो सके। इसको लेकर आगरा में प्रायोरिटी कोरिडोर में मेट्रो निर्माण को तेज करके छह महीने पहले ही मेट्रो परिचलन का लक्ष्य रखा है।
